जैन गुरु

यह विपदा का समय है संघर्ष करे – आर्यिका गौरवमती

अहिंसा क्रांति / अतुल जैन
जयपुर। शहर के ख्वाज की रास्ता स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान गणिनी आर्यिका रत्न गौरवमती माताजी ने शुक्रवार को अपने आशीर्वचन में कहा कि ” इस समय पूरी सृष्टि कोरोना महामारी से त्रस्त है, इस विपति का सामना संयमित रहकर करना चाहिए, केवल ताकत ही हर जंग को नही जिताती, ताकत के साथ बुद्धि का इस्तेमाल कर जो संघर्ष करता है वह सर्वशक्तिमान बनता है और हर जंग को जीतता है।”आर्यिका गौरवमती माताजी ने अपने उदगार में कहा कि ” ईश्वर ने इस सृष्टि में केवल संघर्ष को सबसे मजबूत बनाया है जिस किसी भी प्राणी ने संघर्ष के वस्त्रों को धारण कर लिया केवल वही प्राणी अपने जीवन को स्थिरता और मजबूती प्रदान कर सकता है।

संघर्ष के वस्त्र पहनने का सौभाग्य भी हर किसी प्राणी को नसीब नही होता है लेकिन यह सौभाग्य इस बार कोरोना के रूप में सबसे जीवन मे आया है। इस विपदा के समय का सामना केवल संयमित रहकर ही किया जा सकता है और परिवार, समाज, देश और पृथ्वी की रक्षा की जा सकती है। रक्षा करना प्रत्येक प्राणी का धर्म होना चाहिए। अभी जो विपदा आई है उसमें प्रत्येक प्राणी को घर मे ही रुककर एक-दूसरे की रक्षा करनी चाहिए। इसलिए प्रत्येक प्राणी रक्षा धर्म का पालन करे और घर पर ही रुककर परिवार, समाज, देश और पृथ्वी की रक्षा करे।माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि इस विपदा के समय में जीवन को स्थिर बनाने के लिए प्रतिदिन योगासन, परिवारासन, पूजनासन करे जीवन स्थिर भी होगा और मजबूत भी होगा साथ ही प्रत्येक प्राणी की रक्षा धर्म का पालन भी होगा। 

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