चातुर्मास 2020 CHATURMAS 2020चातुर्मास की खबरे एवं जानकारीजैन गुरुजैन समाचार

पिड़ावा में होगी मुनिश्री सुव्रत सागर  महाराज के चातुर्मास की कलश स्थापना


अहिंसा क्रांति / अमित जैन


पिड़ावा  ज्ञान, तप, त्याग, संयम की मूरत एक दिन आहार व एक दिन उपवास व लगातार दो माह से मोन व्रत धारण करने वाले सन्त परम पूज्य 108श्री सुव्रत सागर महाराज जो की पिड़ावा नयापुरा के लाल मन्दिर में विराजमान है उनके चातृमास की स्थापना के कलश दिनांक 5 जुलाई गुरू पूणिमा को सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष अजेश जैन व नयापुरा जैन समाज के अध्यक्ष मनसुख जैन करेंगें जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत के अनुसार चातुर्मास  क्या हैचातुर्मास 4जुलाई से प्रारंभ आचरण की पवित्रता का नाम चातुर्मास महापर्व भारतीय  संस्कार और संस्कृति में जितने भी पर्व आते हैं उन सभी में चातुर्मास का पर्व महापर्व है। अध्यात्म का पर्व, आत्म -उत्थान का पर्व, अपने आप को समझने का पर्व। दया, अहिंसा करुणा- प्रेम का महापर्व है। धर्म का अर्थ भी यही होता है।

इसमें त्याग, संयम तप और ध्यान किया जाता है ।इस महापर्व में दशहरा, रक्षाबंधन, दीपावली, नाग पंचमी, गुरु पूर्णिमा आदि पर्व आते हैं। चातुर्मास का उद्देश्य भी दया भाव से है। वर्षा काल में जीवो की उत्पत्ति अधिक होती है। हिंसा होने की आशंका रहती है ।संत चातुर्मास इसलिए करते हैं कि हिंसा ना हो। दूसरा गृहस्थ पर दया करते हैं ताकि हमारे अंदर मानवता की भावना जागृत हो जाए। गृहस्थ और संत को जोड़ने का काम करता है यह पर्व ।

 चातुर्मास महा पुण्य अर्जन करने का साधन है ।आषाढ, सावन, भाद्रपद और अश्विन महीने का  यह समय अधिक से अधिक 165 दिन और कम से कम 100 दिन का होता है।

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