जैन आयोजन

श्री राजेन्द्र भवन, चेन्नई में मनाई गुरु जयन्तसेनसूरिश्वर की तृतीय पुण्यतिथि


अहिंसा क्रांति / राजेंद्र जैन

चेन्नई:- वैशाखवद ७ मंगलवार, दि 14-4-20 को पूज्य गुरुदेव श्री जयन्तसेनसूरिश्वरजी म. सा. की तृतीय पुण्यतिथि श्री राजेन्द्र भवन में मनाते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प कर पुष्पांजलि अर्पित कर गुणगान किया।  पिछले दो वर्षों से गुरुभक्त  भव्याती भव्य रूप से गुरु पुण्य तिथी को मनाते आ रहे थे, मगर इस वर्ष भारत एवम् सारी दुनिया में फ़ैली कोरोना महामारी से बचाव हेतु केन्द्रीय व राज्य सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन की वजह से इस वर्ष भव्य रूप से नहीं मना सके। इस वर्ष सम्पूर्ण लॉकडाउन का पालन करते हुए सभी ने मिलकर परिवार के साथ अपने अपने घर पर ही सामायिक, ध्यान व अनुष्ठान कर भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की। श्री राजेन्द्र भवन में पधारे श्री अमृतलाल खोंडा, श्री चन्दनमल मोदरा, श्री गुलाबचन्द मीठडीया वोरा, श्री प्रकाशकुमार वेदमुथा, श्री मुकेशकुमार कामदार, श्री राजेन्द्रकुमार शाहजी इत्यादि ने मिलकर गुरुदेव के फोटो के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर अपनी आस्था प्रकट की। 

विश्व पूज्य श्री राजेन्द्रसूरिश्वरजी म. सा. की पाट परम्परा के छठे युगप्रभावक आचार्य श्री  जयन्तसेनसूरिश्वरजी म. सा. ने अपने दिक्षा के पर्याय में धर्म ध्वजा को फहराते हुए जिनशासन के अनेकों मंदिरों व तीर्थों की अंजनशलाका प्रतिष्ठा, उपाश्रय, उपध्यान, संघ, गौशालाएं, स्कूल इत्यादि की प्ररेणा कर अपने स्वास्थ्य व उम्र को भी दरकिनार कर लंबे विहार कर जीवन पर्यन्त जिन शासन एवम् विशेषकर त्रीस्तूतिक संघ की जाहोजहाली की। आप पूज्य श्री ने अनेकों स्तवन, स्तुतियां, ग्रंथ, पूजा ढाल, धार्मिक व सामाजिक पुस्तकों की रचनाएं कर संघ को अमूल्य धरोहर सुपूर्द की।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आप श्री ने जापान के कई भक्तों को प्रेरणा कर जैन व शाकाहारी बनाया, और आज वहां पर जैनों की संख्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। आप पूज्य श्री के करीब 250 शिष्य की सम्पदा धर्म के प्रचार व प्रसार कर अपनी आत्मा के कल्याण की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे गुरुदेव को सदा हमारी वंदना।\

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