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जवान भी संत से कम नही होते है : राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश


AHINSA KRANTI NEWSजोधपुर 7 जुलाई 2020  नेहरू पार्क  महावीर भवन          संत बनकर एकांत में साधना करना सरल हो सकता है लेकिन कफन का टुकड़ा सिर पर बांधकर जीने और मरने की परवाह न करते हुए दूसरों की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगा देने वाले जवान भी संत से कम नहीं होते हैं उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन नेहरू पार्क में कोरोना योद्धा पुलिस जवानो को आशीर्वाद प्रदान करते कहा कि सेना को तो मोर्चे पर कभी-कभी लगना पड़ता है वह भी दुश्मनों से लेकिन जवानों को 24 घंटे अपने और पराए से भी संघर्ष करना पड़ता है           उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के भय से जब हम चार दीवारों में कैद हैं तब हमारी रक्षा के लिए वह मोर्चे पर खड़े हैं इनके अदम्य साहस का जितना अभिनंदन किया जाए उतना कम है   

    मुनि कमलेश ने स्पष्ट कहा कि जवानों के निर्देशों का पालन करना ही इनका अभिनंदन करने के समान है  सहयोग करें सम्मान दें          राष्ट्रसंत ने कहा कि हम सबको को रोना योद्धा बनकर जनता के बीच जन जागृति का शंखनाद करना है तभी कोरोना से जीत पाएंगे       

   जैन संत ने बताया कि सरकार और विज्ञान अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं यह बीमारी कैसे फैल रही है अब बताया जा रहा है इसका सबसे बड़ा इलाज और दवाई है सावधानी रखना और सतर्कता से जीना स्वयं के विवेक से संपन्न नियंत्रण करना है कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया अक्षत मुनि विचार व्यक्त किए

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