जैन समाचार

सनावद भक्ति भाव से मनाया गया गुरुपूर्णिमा का पर्व

AHINSA KRANTI NEWS


सनावद:- आचार्यश्री डॉ. प्रणामसागरजी महाराज के सानिध्य में जैन समाज ने गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया।
सन्मति जैन काका ने बताया की इस अवशर पर आचार्यश्री ने कहा कि गुरु के बगैर जीवन अधूरा है। श्री मोरटक्का जैन मंदिर में आचार्यश्री ने कहा कि जिसके जीवन मे गुरु नही उसका जीवन शुरू नहीगुरु हमारे संस्कारों के कर्णधार होते हैं।

गुरु शब्द बहुत छोटा है, परंतु इसका रहस्य बहुत बड़ा है। गुरु न हो तो कुछ भी काम नहीं बनते। गुरु हीहमारी कमियां हमसे दूर करके गुणों का आरोपण करते हैं। गुरु हमें इंसान ही नहीं भगवान बनाने की क्षमता का बोध कराते हैं। शास्त्रों में गुरु को भगवान से भी बड़ा बताया है, क्योंकि वह आपको भगवान बनने का मार्ग बताते हैं। इसलिए गुरुओं को ही जीवन का सार समझो और आत्मकल्याण की ओर अग्रसर हो।हम सूरज को देख पाये याना देख पाये पर उसकी किरणे हम तक पहुँच जाती है उसकी प्रकार गुरू सांमने हो या ना हो गुरू को दिल से याद कर लो गुरु का आशीर्वाद आप को मिल ही जाएगा।


शुभारंभ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के चित्र के सम्मुख विभिन्न शहरों से पधारे सामज्जनो ने दीपक जलाकर किया गयापाद प्रकक्षालन वीरेंद्र जी जैन धामनोद व धीरेंद्र जैन बेड़िया ने किया अगली कड़ी में संगीतमय पूजन में गुरु भक्ति हुई। पूजन में सभी आचार्यो को महा अर्ध्य सहित आचार्य डॉ.प्रणाम सागर जी महाराज का पूजन सम्पन्न किया गया धर्मसभा का मंगलाचरण श्रीमती रेखा जैन ने किया। अंत मे शाम में गुरुभक्ति व आचार्य श्री की आरती की गई कार्यक्रम का संचालन प्रसांत चौधरी ने किया इस अवशर पर सनावद, इंदौर, उज्जैन,भीकनगांव,बेड़िया, धामनोद, बुरहानपुर,खंडवा के समाजजन उपस्थित थे।

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