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विश्व के सभी धर्मों का संवेदना ही असली प्राण है : राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

AHINSA KRANTI NEWS

जोधपुर 21 सितंबर 2020  महावीर भवन निमाज की हवेली संवेदना हीन निर्दई निष्ठुर हृदय वाली आत्मा कितनी कठोर साधना लाखों का दान अथवा चारों धाम की यात्रा कर ले कभी उसका धर्म में प्रवेश नहीं हो सकता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन निमाज की हवेली ने संबोधित करते कहा कि विश्व के सभी धर्मों का संवेदना ही असली प्राण है         उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से संवेदना से इंसान तो क्या यदि पशु की ओतप्रोत हो जाता है वह धरती पर देवों की भांति पूज्य बनता है          राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि संवेदना हीन व्यक्ति शैतान के समान होता है इसी से हिंसा की शुरुआत होती है मानवीय गुणों का दिवाला निकल जाता है         मुनि कमलेश ने बताया कि लो भ स्वार्थ मोह और यश कीर्ति के वशीभूत संवेदना व्यक्त होना वह वास्तविक संवेदना नहीं है     

    जैन संत ने कहा कि गरीब अमीर छोटे-बड़े अपने पराए से ऊपर उठकर सभी आत्माओं को परमात्मा के रूप में मानकर करुणा भाव से समर्पित होकर अपने प्राणों की परवाह न करते हुए आगे आना ही सच्ची संवेदना है       अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली शाखा गुजरात की वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रभु लाल  ने माल कोट देवगढ़ में स्वयं की ओर से 60 लाख रुपए लगाकर 27 बीघा जमीन में श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप गौशाला मुनि कमलेश की प्रेरणा से प्रारंभ की 500 से ज्यादा गाय हैं उस गौशाला को आज गौ रत्न अवार्ड प्रदान किया गया गौशाला के अध्यक्ष गौतम चंद जैन ने कहा कि नवरात्रि के ऊपर एक और गौशाला करेड़ा भीलवाड़ा रोड पर आदर्श प्रस्तुत किया जाएगा योगेश शर्मा नरेश जैन भी उपस्थित थे

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