जैन प्रवचन jain pravchanजैन समाचार

श्री मति प्रसन्न कंवर का पच्चखान करते ही 20 मिनट में संथारा सीज गया 

AHINSA KRANTI NEWS
जोधपुर  23 जुलाई 2020  महावीर भवन नेहरू पार्क
              हजारों दुश्मनों को अकेले के द्वारा कदाचित जीतना संभव हो सकता है परंतु उसे कठिन है अपनी इंद्रियों पर विजय पाना इंद्रिय विजेता विश्व विजेता से बढ़कर है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने श्रीमती प्रसन्न कवर कुंभट को मृत्यु महोत्सव संथारा करवाते समय कहा कि शूरवीर और बहादुर ही मृत्यु को ललकार ते हुए मृत्यु विजेता बनकर जन्म को सार्थक करते हैं
        उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने पांच इंद्रियों पर विजय पाने का संदेश दिया है इंद्रियों का गुलाम रोगों का घर बनता है कर्मों का संचय करके आत्मा को दुर्गति प्रदान करता है
        मुनि कमलेश जी कहा कि इंद्रियों की आसक्ति ही हमारा खतरनाक शत्रु है अग्नि सांप शेर बाहरी शत्रु तो तन का नुकसान करते हैं परंतु क्रोध लोभ मोह अहंकार आत्मा का जन्म जन्मांतर तक अहित करते हैं
         जैन संत ने कहा कि इंद्रियों का गुलाम आध्यात्मिक साधना में आगे नहीं बढ़ सकता स्वच्छंद निरंकुश इंद्रियां आत्मा और तन दोनों का नुकसान करती है
         राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि इंद्रियों की आसक्ति ने ब्लड प्रेशर हार्ड अटैक शुगर ब्रेन हेमरेज आदि जानलेवा बीमारियों को खुला निमंत्रण दिया है इंद्रियों पर ज्ञान और साधना का  अंकुश अलौकिक चमत्कार प्रकट करते हैं
           मुनि कमलेश ने श्रीमती प्रसन्न कवर धर्मपत्नी राजेंद्र राज कुंभट को दोपहर में संथारा पंडित मरण का पच्चखान करवाया धर्म ध्यान सुना रहे थे करीब 20 मिनट मैं ही संथारा सीज गया जय-जय नंदा जय-जय भद्दा की घोषणा से स्थल गूंज उठा कवि रत्न सी अक्षत मुनि जी सेवाभावी कौशल मुनि जी ने भी धर्म ध्यान सुनाया

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