जैन समाचार

जहरीले विचार अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है : राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

अहिंसा क्रांति


पाली। नस्लभेद  के कारण नफरत की चिंगारी परस्पर प्रेम को नष्ट करके  राग और द्वेष देश की  आग पैदा करती है  जो मानवीय संवेदना के गुणों को नष्ट करके इंसान को शैतान बना देती उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने दुर्गादास नगर में व्यक्त करते हुए कहा कि भेदभाव अपने आप में  पाप और पतन की  निशानी है।  उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्व का कोई भी धर्म मानव मानव के बीच नफरत की इजाजत नहीं देता किसी से नफरत करना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है।

राष्ट्रसंत ने कहा कि दुर्भावना से ग्रसित व्यक्ति को सज्जन व्यक्ति भी शैतान के रूप में नजर आता है सभी धर्म आचार्यों को मिलकर वैचारिक क्रांति का शंखनाद करते हुए प्रेम और सद्भाव का माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए यही धर्म का असली प्राण है। मुनि कमलेश ने जाति नस्ल प्रांत भाषा के नाम पर नफरत फैलाने वाले को धर्म और मानवता का कट्टर शत्रु बताया जहरीले विचार अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है। जैन संत ने अमेरिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह 133 करोड़ देशवासियों का अपमान है अहिंसा का अपमान है ऐसे शातिर दिमाग के लोग विश्व शांति के लिए खतरनाक वायरस है उन्हें सद्बुद्धि आए इसलिए महामंत्र का जाप किया गया जैन दिवाकर परिवार के रतन लाल जी  लसो ड पुखराज लसो ड छगनलाल जी लोड़ा धनराज कांठेड़ जवरी लाल पोरवाल जीवन लसोड ने आत्मीय स्वागत किया घनश्याम मुनि अरिहंत मुनि जी धैर्य मुनि जी कौशल मुनि प्रशांत मुनि ने विचार व्यक्त किए। 

Related Articles

Back to top button
Close