पिच्छिका अहिंसा, करूणा और दया की परिचायक है – मुनिश्री संस्कार सागर जी महाराज

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अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन

भोपाल – आचार्यश्री विराग सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संस्कार सागर महाराज का पिच्छिका परिवर्तन श्री शांतिनाथ जिनालय परिसर दानिश कुंज में सम्पन्न हुआ। प्रातः श्रद्धालुओं ने मूलनायक भगवान शांतिनाथ का अभिषेक और जगत कल्याण की भावना के साथ मंत्रोच्चारित शांतिधारा की और अष्ट द्रव्यों से श्री शांतिनाथ विधान के अर्घ्य समर्पित किये। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि आचार्य विद्यासागर और आचार्य विराग सागर, आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के चित्रा अनावरण और दीप प्रज्जवलन के साथ समाज के श्रेष्ठीजनों ने कार्यक्रम की शुरूआत की। पाठशाला परिवार के बच्चों ने मंगलमय भजनों के साथ मंगलाचरण किया और संगीतमय स्वर लहरियों के साथ हे गुरूवर, मेरे गुरूवर मोक्ष मार्ग पर चलते रहते और सत्य अहिंसा का परचम लहराते सो-सो है नमन। मेरे गुरूवर को बारंबार नमन के साथ भक्ति नृत्य किया। मुनिश्री संस्कार सागर महाराज द्वारा रचित कृति का विमोचन भी किया गया। मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने आशीषवचन में कहा पिच्छिका सत्य, अहिंसा, करुणा और दया की परिचायक है। जीव दया का यंत्र हमें संसार में जिओ और जीने दो के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। एक बार धार्मिक अनुष्ठानों में भले ही पिछड़ जाओ परंतु जब भी जैन धर्म के मूल सिद्धांत सत्य, अहिसा, करुणा और दया के लिये कुछ करने की बात आये तो अपना सबकुछ न्यौछावर कर देना। मंदिर समिति के संरक्षक ज्ञानचन्द जैन ने जिनालय में चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुये बताया कि मंदिर समिति सदैव संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से हमेशा परस्पर एवं सहयोग के कार्य करती रहती है। मुनिश्री को नवीन पिच्छिका देने का सौभाग्य अनेक श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ और मुनिश्री की पुरानी पिच्छिका विमल-पुष्पा जैन परिवार को प्राप्त हुई। आज पिच्छिका परिवर्तन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने संयममय जीवन जीने के नियम लिये। समाज में श्रेष्ठ कार्य करने वाले और पुण्यअर्जक परिवारों का सम्मान मंदिर समिति के संरक्षक ज्ञानचंद जैन, अध्यक्ष विकास जैन, सचिव अंकुर सर्राफ और अन्य पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम के साक्षी बनने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के साथ विभिन्न शहरों के श्रद्धालु शामिल हुये। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ज्ञानचन्द जैन, विकास जैन, अंकुर सर्राफ, संजय जैन पार्श्वनाथ, त्रिलोकचंद, वृतेश जैन, चन्दरेश, राजेन्द्र, विपुल, प्रदीप, रूपेन्द्र, राजकुमार और महिला मंडल की ऊषा सिंघई, नीलम जैन, आकांक्षा, दीपिका, डॉ. निधि, नीलम, एकता, श्वेता आदि मौजूद थीं।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा,मध्यप्रदेश
संपर्क – 7828782835/8989696947

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