विना श्रद्धा और विश्वास के कोई भी कार्य सफल नहीं होता : मुनि श्री समता सागर जी महाराज

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अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन

विदिशा(भद्दलपुर) – “यदि आपकी श्रद्धा श्रद्धेय के प्रति मजवूत है, तो आप निरंतर उस क्षेत्र में आगे वड़ कर प्रगति कर सकते है, विना श्रद्धा और विश्वास के कोई भी कार्य सफल नहीं होता, जानकारी देते हुए प्रवक्ता अविनाश जैन ने वताया मुनि श्री द्वारा प्रतिदिन प्राताःकालीन वेला में श्री शांतिनाथ जिनालय स्टेशन जैन मंदिर में “ग्रन्थराज समयसार” की कक्षा चल रही है। 

उन्होंने कहा कि जब तक मरीज को डाक्टर के प्रति विश्वास नहीं होता तब तक वह अपने रोग को भी ठीक नहीं करा सकता, ठीक उसी प्रकार “जब तक आपका तत्व के प्रति श्रद्धान नहीं होगा तब तक आप मोक्ष मार्ग पर आगे नही वड़ सकते”  धन की आकांक्षा रखने वाला व्यक्ती धनिक व्यक्ती के पास जाकर उसका विश्वास हांसिल करता है, तभी वह को धन प्राप्त कर सकता है, ठीक उसी प्रकार तत्व के प्रति जिज्ञासा रखने वाले व्यक्ती को पहले तत्व के प्रति यथार्थ रुप से प्रतीती होंना आवश्यक है, तभी वह उस आत्म तत्व को जान सकता है।

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उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि भगवान महावीर के समवसरण में इन्द्रभूती गौतम जो स्वं ज्ञानी था और जिनके स्वं के पांचसौ सदस्य थे, लेकिन उनके ज्ञान के मूल तत्व में ही भूल थी वह जैसे ही  भगवान महावीर के समवसरण में पहुंचते है, तो उनकी तत्व के प्रति  जिज्ञासा और ज्यादा उत्पन्न हो जाती है,उन जिज्ञासाओं का जैसै ही  समाधान मिलता है,तो उनकी श्रद्धा और भी  मजवूत होती चली जाती है, और वही श्रद्धा और अनुभूती उनके कैवल्यज्ञान का कारण वनता है

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा, मध्यप्रदेश
सम्पर्क – 7828782835 / 8989696947

श्री १००८ शीतलनाथ भगवान के गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान कल्याणको से सुशोभित भूमि भद्दलपुर, विदिशा (म.प्र.) स्थित निर्माणाधीन समोशरण मंदिर

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