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पशुधन हीरे पन्ने माणक मोती से कीमती है- कमलमुनि कमलेश

पाली 9 मई 2020 केशव गोशाला
हम तो ताजा और गरम रोटी खाते हैं और जिसको हम मां कह कर पुकारते हैं 33 करोड़ देवता का निवास मानते हैं और ठंडी बासी रोटी खिलाते हैं क्या यह गौ माता के साथ अन्याय नहीं है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने केशव गोशाला में संबोधित करते कहा कि मार्बल की नंदी की पूजा करना जिंदे नंदी को कटने के लिए छोड़ देना गाय की आरती उतारना दूसरी तरफ प्लास्टिक थैली खिलाकर मौत के घाट उतारना यह दोहरा आचरण अधर्म और पाप है
उन्होंने कहा कि गाय माता की जय बोलते हैं और दूसरी तरफ गोचर भूमि पर अवैध कब्जा करके उसके मुंह से निवाला छीलने का पाप कमाते हैं


जैन संत ने बताया कि पशुधन हीरे पन्ने माणक मोती से कीमती की है इसका कोई विकल्प नहीं है विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी एक पशु का निर्माण नहीं किया जा सकता
राष्ट्रसंत ने दुख के साथ कहा कि गोचर भूमि में स्कूल अस्पताल खेल मैदान बनाए जा सकते हैं तो फिर गौशालाओं के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर बहाना क्यों बनाया जाता है
मुनि कमलेश ने बताया कि पर्यावरण आर्थिक और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए गोधन ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण योगदान देता है एक गाय की सेवा करना पांच मंदिर बनाने से भी बड़ा लाभ है
नेमीचंद चोपड़ा ताराचंद जैन अशोक कुमार जैन पुखराज लसो ड आदि ने गौ सेवा का लाभ लिया गौशाला के अध्यक्ष बजरंग भाई सचिव महेंद्र जैन कोषाध्यक्ष कमल गोयल ने गोशाला की राष्ट्रसंत को जानकारी दी एवं आत्मीय स्वागत किया

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