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JAIN NEWS- जैन संत डॉ.पदमचंद्र महाराज का 33 वां दीक्षा दिवस मनाया गया

AHINSA KRANTI NEWS


श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में गुरुवार को जयगच्छीय जैन संत डॉ.पदमचंद्र महाराज का 33 वां दीक्षा दिवस धर्म-ध्यान,तप-त्याग, दान-पुण्य के कार्य कर मनाया गया।ऑनलाइन प्रवचन का किया गया आयोजनऑनलाइन प्रवचन द्वारा इस पावन प्रसंग पर भक्तगणों को संबोधित करते हुए डॉ.पदमचंद्र महाराज की सुशिष्या जैन समणी डॉ.सुयशनिधि ने कहा कि प्रवचन प्रभावक डॉ. पदमचंद्र महाराज जो कि पदमचंद कांकरिया थे, वे 25 जून 1988 की प्रातः वेला में राजस्थान के जोधपुर शहर के सरदार हाइयर सेकेंडरी स्कूल के विशाल प्रांगण में जयमल संप्रदाय के आचार्य सम्राट शुभचंद्र  महाराज और वर्तमान आचार्य  पार्श्वचन्द्र महाराज की छत्र छाया में श्रुत सागर आचार्य प्रवर लालचन्द्र महाराज के शिष्य के रूप में दीक्षित हुए ।

सम्पूर्ण भारत वर्ष में गुरुभक्तों ने श्रद्धा सहित धर्म ध्यान जप जाप द्वारा डॉ.पदमचंद्र महाराज को आध्यात्मिक शुभकामनाएं दी। गुरुवार को झूँठा रायपुर में विराज रहे आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज, डॉ.पदमचंद्र महाराज आदि ठाणा का गत वर्ष 2019 का चातुर्मास नागौर के जयमल जैन पौषधशाला में हुआ था। ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता का हुआ आयोजनसंघ के संजय पींचा ने बताया कि द्विदिवसीय पावन प्रसंगों पर अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ एवं जेपीपी अहिंसा रिसर्च फाउंडेशन  के तत्वावधान में समणी प्रमुखा श्रीनिधि एवं समणी श्रुतनिधि द्वारा ” ‘प’ से उत्तर लाओ परम पद को पाओ” ऑनलाइन ज्ञानवर्द्धक प्रतियोगिता का आयोजन गुरुवार को हुआ।

प्रतियोगिता में नागौर के अनेक जय संघीय श्रावक-श्राविकाओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रसंग पर समणी श्रुतनिधि द्वारा ऑनलाइन विशेष गीतिका प्रस्तुत की गयीं।सामायिक का किया गया आयोजनसंघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने बताया कि इस दौरान सभी जय संघीय निवासों पर श्रावक-श्राविकाओं ने परिवार सहित सामायिक कर एवं जप-जाप कर गुरुदेव का दीक्षा दिवस मनाया। वहीं मूक पशु-पक्षियों की सेवा भी निरंतर जारी है।

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