जैन समाचार

जैन श्रावक-श्राविकाएं अब घर बैठे कर सकेंगे प्रतिक्रमण

AHINSA KRANTINEWS
जैन समाज के लोगों के जीवन में प्रतिक्रमण आवश्यक है। कोरोना महामारी के कारण भारत-वर्ष में सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन नहीं हो रहा है। जिस कारण से प्रतिक्रमण कंठस्थ नहीं होने वाले वाले श्रावक-श्राविकाएं प्रतिक्रमण नहीं कर पा रहे है।
इसी को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन प्रतिक्रमण तैयार किया गया है। जयगच्छाधिपति 12 वें पट्टधर आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज के अंतेवासी डॉ.पदमचंद्र महाराज की सुशिष्या जैन समणी डॉ.सुयशनिधि ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर सविधि श्रावक स्थानकवासी प्रतिक्रमण डाला है। इससे अब जैन श्रावक-श्राविकाएं घर बैठे प्रतिक्रमण कर सकेंगे। साथ ही विश्व भर के लोग भी जैन समणी के यू-ट्यूब चैनल से प्रतिक्रमण का लाभ ले सकेंगे। जैन समणी डॉ.सुयशनिधि के अनुसार प्रतिक्रमण आत्मा को शुद्व करने का डिटर्जेंट है। इस कार्य मे जैन समणी सुयोगनिधि का भी सहयोग रहा।
मूक पशु-पक्षियों की सेवा जारी
श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ द्वारा नागौर में भामाशाहों के सहयोग से लॉकडाउन-1 में शरू की गयीं मूक पशु-पक्षियों की सेवा अभी भी निरन्तर जारी है। संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन सुबह शहर में अलग-अलग जगह घूमकर सेवा की जा रही है। इस दौरान कीड़ीनगरे का सिंचन किया जा रहा है। साथ ही कबूतरों को जवार,श्वानों को रोटियां,गौमाताओं को गुड़ एवं रिचका,बाकी सभी पक्षु-पक्षियों को दाना,पानी,चुग्गा सहित अन्य खाद्य सामग्री प्रतिदिन डाली जा रही है। संघ के कार्यकर्ताओं के अनुसार जीव-दया की प्रेरणा जयगच्छाधिपति आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज, डॉ.पदमचंद्र महाराज से मिलीं। संघ के संजय पींचा ने बताया कि इस कार्य में संघ मंत्री हरकचंद ललवानी एवं संघ के मूलचंद ललवानी की सेवाएं सराहनीय रहीं।

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