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बिना नैतिकता के तीन काल में भी धार्मिकता में प्रवेश असंभव है : राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

AHINSA KRANTI NEWS
जोधपुर  22 जुलाई  2020  महावीर भवन नेहरू पार्क
            जनता आध्यात्मिकता साधना के प्रति जितनी सजग और जागरूक लगती है उतनी ही नैतिकता के प्रति उदासीन और बेखबर है बिना ईमानदारी और नैतिकता के आध्यात्मिक तथा ढोल पीटना मुर्दे को शृंगार कराने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन नेहरू पार्क पर संबोधित करते कहा कि बिना नैतिकता के तीन काल में भी धार्मिकता में प्रवेश असंभव है
             उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्व के सभी धर्मों की उपासना पद्धति अलग अलग हो सकती है लेकिन  नैतिकता का जीवन में निर्माण हो यह सभी का मुख्य लक्ष्य है इसे सर्वोपरि स्थान दिया है
            मुनि कमलेश ने कहा कि उपासना पद्धति पूजा और नवाज का पालन करके धर्म की इतिश्री मान लेना सबसे बड़ी अज्ञानता है इस धरती पर जन्म महापुरुष ने पूरे विश्व को नैतिकता का पाठ पढ़ाया उसी धरती पर नैतिक मूल्यों का दिवाला होना कलंक और शर्मनाक घटना है
      जैन संत ने बताया कि धर्म के नाम पर दिखावा आडंबर प्रदर्शन कोही धर्म का अभिन्न अंग मान लिया जो कि हास्यास्पद है लगता है धर्म आपको शुद्ध के लिए नहीं करते बल्कि पापों पर पर्दा डालने के लिए करते हैं
          राष्ट्रसंत ने दुख के साथ कहा कि जिस देश में स्थान स्थान पर मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च और कदम कदम पर धर्म और कदम कदम पर संत के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान की चर्चा हो रही है रामकृष्ण महावीर पूरे विश्व को नैतिकता का पाठ पढ़ाया  आज उन्हीं की पवित्र धरती पर कदम कदम पर भ्रष्टाचार आतंकवाद हिंसा बलात्कार मिलावट हत्या धोखाधड़ी व्यसन और फैशन का नंगा नाच विश्व के अंदर सबसे ऊपर उभर कर आ रहा है धर्म की दुहाई देने वाले के मुंह पर करारा तमाचा है सभी धर्म गुरुओं को मिलकर न्यूनतम आचार संहिता तैयार करनी चाहिए जिसमें देशभक्त होना नैतिकता से ओतप्रोत व्यसनों से मुक्त विश्व बंधुत्व की भावना रखने वाले को ही धार्मिक उपासना पद्धति करने का अधिकार मिलना चाहिए श्री कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया श्री अक्षत मुनि जी ने विचार व्यक्त किए 23 जुलाई को महावीर भवन नेहरू पार्क प्रात 9:00 बजे मुनि कमलेश के सानिध्य में शांति जाप का आयोजन किया जाएगा।

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