धर्म प्राण नगरी सिलवानी में तो ब्रती श्रावक एवं श्राविकाओं की लाईन लगी है – मुनि श्री समता सागर जी महाराज

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अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन

सिलवानी – अष्टान्हिका महापर्व में नंदीश्वर दीप में स्वर्गों के अधिपति सौ धर्म इनद्र सभी इन्द्रों के साथ पूजन करने जाते है, मनुष्यों को एवं विद्याधरों को जाने की वंहा पर पात्रता नहीं है। यह शास्वत रचना है यंहा पर अकृतिम जिन चैत्यालय है और सभी स्थाई है अदभुत है एवं पारम्परिक है वंहा पर कोई व्यवस्था कमेटी नहीं होती सभी कुछ स्वतः व्यवस्थित रहती है। उपरोक्त उदगार मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने धर्मनगरी सिलवानी में व्यक्त किये।मुनि श्री ने कहा कि साल में तीन बार अष्टान्हिका महापर्व आते है और सभी अष्टान्हिका महापर्व पर नंदीश्वर दीप के सभी जिनालयों में चतुरनिकाय के देव एवं देवियां आते है और धूमधाम से भगवान जिनेन्द्र देव की पुजा करते है। मुनि श्री ने कहा कि ११ नवम्वर से आपके यंहा पर भी श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान होंने वाला है और आपके अपने धीरज भैयाजी आ गये है और आप सभी ने उनको शुभ मुहुर्त में श्री फल भैंट कर आमंत्रित कर ही लिया है और दौनों महाराज का भी आशीर्वाद मिल गया है। उन्होंने कहा कि धर्म प्राण नगरी सिलवानी में तो ब्रती श्रावक एवं श्राविकाओं की लाईन लगी है। आज ईसान कौण की और आप सभी ने ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न किया जो कि अपने आप में शुभ संकेत है। मुनि श्री ने कहा कि अच्छी संयोजना यदि होती है तो समाज तो बड़चड़कर भाग लेती ही है साथ ही गांव से जुड़े तथा बाहर के धर्मश्रद्धालुओं को भी धर्म लाभ मिल जाता है। उपरोक्त जानकारी देते हुये अविनाश जैन विदिशा ने वताया  संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री समता सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री निश्चय सागर जी महाराज के परम सानिध्य में तथा प्रतिष्ठाचार्य धीरज भैयाजी राहतगढ़ के निर्देशन में अष्टान्हिका महापर्व पर दिनांक 11 नवंवर से 19 नवम्वर तक  श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन धर्मनगरी सिलवानी में आयोजित होंने जा रहा है। इस बीच रविवार में दिनांक 14 नवम्वर को पिच्छिका परिवर्तन समारोह दौपहर एक वजे से रखा गया है।श्री अखन्ड दि. जैन समाज एवं चातुर्मास कमेटी सिलवानी ने सभी धर्म प्रेमी वंधुओं से पधारने की अपील की है।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा,मध्यप्रदेश
संपर्क – 7828782835/8989696947

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