श्री चौबीस तीर्थंकर महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने जगत कल्याण की भावना और विश्व शांति के लिए हवन कुंड में दी आहूतियां

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अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन


भोपाल – श्री पार्श्वनाथ जिनालय शंकराचार्य नगर में आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संभव सागर महाराज, मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज, मुनिश्री निर्माह सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में श्री चौबीसी तीर्थंकर महामंडल विधान का समापन विश्व शांति महायज्ञ के साथ हुआ। श्रद्धालुओं चौबीस तीर्थंकर भगवंत का अभिषेक कर मंत्रोच्चारित शांतिधारा की। संगीत का रिषी कुमार दोराहा की संगीतमय स्वर लहरियों के साथ श्रद्धालुओं ने कदमताल करते हुये चवर ढुराकर रंगमा…. रंगमा… रंग गयो रे …. प्रभु थारी भक्ति में रंग गयो रे। केसरिया…. केसरिया आज हमारो रंग भयो केसरिया। भजनों पर भक्ति नृत्य कर चौबीस तीर्थंकर भगवंतों की आराधना की। दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी अंशुल जैन ने बताया कि अष्ट द्रव्यों से पूजा अर्चना कर मंडल पर अर्घ्य समर्पित किये और विश्व शांति महायज्ञ में विश्व शांति की कामना के साथ आहुतियां दीं। आशीषवचन में मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज ने भक्ति का महत्व बताते हुये कहा कि भक्ति की शक्ति आत्मा की अभिव्यक्ति का माध्यम बनती है। भगवान की भक्ति समर्पण भाव से भाव विभोर होकर करना चाहिये। भक्त की भावना से भव के कर्म बंधन टूट जाते हैं। मुनिश्री ने कहा कि भक्ति अंतरंग के भावों की विशुद्धि की परिणति का माध्यम है। सती मेना सुंदरी का दृष्टांत सुनाते हुये मुनिश्री ने कहा भगवान सिद्ध की आराधना कर मेना सुंदरी ने अपने पति के साथ 700 कोढियों का कोढ दूर कर दिया था। तप, तपस्या एवं साधना के माध्यम से कर्मों का क्षय कर सकते हैं पर भक्ति और आराधना का मार्ग नियम से मोक्ष के मार्ग पर ले जायेगा। इस अवसर पर समाज के श्रेष्ठीजनों ने मुनिसंघ को श्रीफल समर्पित कर आर्शीवाद लिया।

चौक जिनालय पहुंचे मुनिसंघ श्रद्धालुओं ने की अगवानी

मुनिसंघ पद विहार करते हुये चौक जिनालय पहुंचे यहाँ ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु की अगवाई में समाजजनों ने पाद प्रच्छालन कर मुनिसंघ की अगवानी की। शुक्रवार को प्रातः 8 बजे मुनिसंघ के आशीषवचन चौक धर्मशाला में होंगे।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा,मध्यप्रदेश
संपर्क – 7828782835/8989696947

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