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सिवांची-मालाणी डॉट कॉम के माध्यम से लॉकडाउन अवधि में की सेकड़ो प्रतिभाओं की खोज

सूरत। सिवांची मालाणी के तकरीबन 1400 जैन परिवार सिल्क सिटी सूरत में टेक्सटाइल्स आदि उद्योग से जुड़े हुए है व वर्षों से सूरत महानगर को कर्मनगरी के रूप में अपनाया हुआ है, वहां के कुछ युवाओं ने इस कोरोना महामारी के दौरान एक अनूठा प्रयास किया, टेक्सटाइल्स उद्योग से जुड़े एक 49 वर्षीय युवा श्री सुरेन्द्र भंसाली ने अपने मन मे संजोए स्वप्न को आकार देने के उद्देश्य से अपने कुछ मित्रों को साथ मे लेकर सिवांची-मालाणी डॉट कॉम की स्थापना की और फेसबुक पर एक पेज व ग्रुप बनाया,  सुरेन्द्र के मन मे जो सपना संजोया हुआ था उसे हकीकत  का जामा पहनाने के उद्देश्य से आज से 50 दिन पूर्व झुम टेक्नोलॉजी के द्वारा प्रतिदिन लाइव कार्यक्रम का लक्ष्य रख कर उसका आगाज किया गया, नित्य 4 से 5 उन प्रतिभाओं को झुम के माध्यम से सिवांची-मालाणी डॉट कॉम के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आमन्त्रित किया जाता, प्रतिदिन रात्रि 8 बजे ये डिजिटल प्रसारण प्रारम्भ होता और आमन्त्रित प्रतिभाएं अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय देती, इस प्लेटफॉर्म पर सिवांची मालाणी के 50 गांवों-शहरों की 80 हजार की जैन समुदाय की आबादी में जितनी प्रतिभाएं देश व दुनिया मे जहां कहां भी सेवारत व कार्यरत थी उनको खोज खोज कर आमन्त्रित किया गया,

इन 50 दिनों में प्रसिद्ध व्यवसायी, उद्योगपति, समाजसेवी, आई पी एस, आई ए एस, आई आर एस, एडवोकेट, न्यायधीश, अध्यापक, डॉक्टर, चार्टेड, एकाउंटेंट, पत्रकार, लेखक, कवि, गायक, फ़िल्म कलाकार, समाजसेवी, योगाचार्य, फिजियोथेरेपिस्ट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट,  कॉरपरेट जगत की हस्तियां, विभिन्न सरकारी व कॉरपरेट इकाइयों से जुड़े अधिकारी आदि कोई विधा ऐसी नही कि वो प्रतिभा इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नही पहुंची। इस लॉक डाउन अवधि में सूरत, अहमदाबाद, मुम्बई, बेंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, कोयम्बटूर, बल्लारी, मदुराई, इरोड़, हुबली, भद्रावती, दिल्ली, जोधपुर, जयपुर,सांगली,गुन्टुर, इचलकरंजी देश विदेश में निवास कर रहे सिवांची मालाणी का सम्भवत ऐसा कोई व्यक्ति नही होगा कि ये प्रसारण नही देखा हो? स्थिति यह थी कि जैसे ही रात्रि के 8 बजते तो देश व दुनिया मे निवास करने वाले सिवांची मालाणी डॉट कॉम के डिजिटल प्रसारण का ठीक इसी तरह इंतजार करते जैसे इस लॉक डाउन में लोग रामायण, महाभारत व कृष्णा या फिर आम दिनों में तारक मेहता का उल्टा चश्मा या कपिल शर्मा के कॉमेडी शो का इंतजार करते,

एक अनुमान के अनुसार हर रोज़ 10 से 15 हजार दर्शक इस लाइव को देखतेहै राजस्थान के बाड़मेर जिले के अंतर्गत बालोतरा, जसोल, पचपदरा, समदड़ी,करमावास, कनाना, पारलू, जानियाना, सिवाना, पादरू, मोकलसर, खण्डप, रमणिया, असाड़ा, टापरा, आसोतरा, कुसीप, बायतु, बाड़मेर, पाटोदी, थोब आदि लगभग 50 गांवों-शहरों के निवासी जहां जहां भी देश-दुनिया मे जहां जहां रहते है ये कार्यक्रम वहां वहां बड़ी ही आतुरता के साथ देखा जाता। सचमुच में सिवांची मालाणी के इन युवाओं ने ये प्लेटफॉर्म स्थापित कर सम्पूर्ण समाज मे ही नही बल्कि तमाम सामाजिक संगठनों में एक प्रेरक व अनुकरणीय पहल की है, इस प्लेटफॉर्म के सृजनकर्ता श्री सुरेन्द्र भंसाली व इनकी सम्पूर्ण टीम बधाई की पात्र है।

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