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भक्त की भावना से ही भगवान मिलते है-मुनि श्री समता सागर जी महाराज

मध्यप्रदेश अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन

विदिशा-संसार की सभी पंचायतें और सरकारें कभी भी फैल हो सकती है क्यु कि उसमें सेटिंग होती है, लेकिन पंच परमेष्ठी की पंचायत कभी भी फैल नही हो सकती क्यू कि वंहा पर कोई न तो सेटिंग होती है और न ही वोटिंग उपरोक्त उदगार मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने किरीमौहल्ला स्थित जैन मंदिर में व्यक्त किये। 

उन्होंने कहा कि संसार की पंचायतें स्वार्थ के आधीन होती है,   लेकिन पंच परमेष्ठी के लिये किसी वोट और सपोर्ट की जरुरत नहीं पडती, क्यू कि वह गुणों से संवंध रखती है। उन्होंने कहा कि  धन ,कन कंचन राजसुख, यह पद और प्रतिष्ठाऐं सभी पुण्य के योग से ही मिलती हें,

उन्होंने कहा कि संसार में यदि कोई दुर्लभ वस्तु है, तो वह है यथार्थ ज्ञान उन्होंने कहा भक्ती एक ऐसी पवित्र गंगा है जो स्वं तो पवित्र है ही और इसमें जो भी स्नान करता है, वह भी पवित्र हो जाता है। उन्होंने कहा कि भक्त की भावना से ही भगवान मिलते है। यदि आपकी भावनाऐं विशुद्ध है तो आपके अंदर से भक्ती की हिलोरें उठती है, और भक्त और भगवान  एकाकार रूप दिखाई दैनै लगते है। उन्होंने कहा कि जो पंच परावर्तन हो रहा है उसी का नाम संसार है।

उन्होंने भक्ती के तीन अंग  पाठ जाप और ध्यान पर मुनि श्री ने कहा कि पाठ सभी को सुनाई पडता है, जाप में वह लीन होता है, लेकिन ध्यान में वह साधक तन्मय होकर लीनता को प्राप्त करता है, और उसी से ही अतिशय प्रगट होते है।

उन्होंने कहा कि  जो भी णमोकार महामंत्र का जाप करते है, उन सभी को लाभ मिलता है। इस णमोकार महामंत्र को अकेले जैनी ही पड़े यह जरूरी नही मंत्र तो मंत्र है, श्रद्धा से इस महामंत्र को कोई भी पड़ सकता है,और उन सभी को लाभ मिलता है।

इस अवसर पर मुनि श्री के दर्शन करने आऐ मुनि श्री विशोक सागर जी महाराज ने तथा ऐलक श्री निश्चयसागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री ध्यान भूषण जी महाराज ने भी सम्वोधित किया।

 मुनिसंघ के प्रवक्ता अविनाश जैन ने वताया कि मंगलवार को सांतवें दिन जिन वंदना कार्यक्रम के अन्तर्गत मुनिसंघ अरिहंत विहार जैन मंदिर से प्रातः7:30 वजे निकलेंगे। श्री आदिनाथ जिनालय  खरीफाटक में  7:45 वजे से श्री जी का अभिषेक एवं शांतिधारा 8:15 से मुनिसंघ के प्रवचन तथा 9:45 से आहार चर्या उसी मंदिर से संपन्न होगी। दौपहर की कक्षा 3:30 से4:30 तक तत्पश्चात अरिहंत विहार की ओर प्रस्थान एवं 6:30 वजे गुरु भक्ती होगी। सभी महानुभाव समय पर पहुंच कर धर्म लाभ लें।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन (विदिशा) मध्यप्रदेश

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