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मुनि श्री समता सागर जी का अवतरण दिवस मनाया

मध्यप्रदेश अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन
विदिशा(भद्दलपुर) – “विदिशा नगर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्री समता सागर जी महाराज का आज अवतरण दिवस  मनाया गया” चातुर्मास कमेटी के मीडिया प्रभारी अविनाश जैन ने वताया प्रातःकालीन वेला में श्री शांतिनाथ जिनालय स्टेशन जैन मंदिर विदिशा में मुनि श्री समता सागर जी महाराज का ५९ वां अवतरण दिवस मनाया गया।
हालांकि मुनिसंघ की इस कार्य के लिये सहमति नहीं थी लेकिन समाज वंधुओ ने गुरुपूजा करके मुनि श्री के जन्म दिवस को अविस्मरणीय वना दिया। पूजन की संयोजना ब्र. श्री दिलीप भैयाजी के निर्देशन में किरी मौहल्ला एवं सराफ जी के मंदिर की श्राविकाओं एवं पाठशाला की शिक्षिकाओं ने किया।
१३ जुलाई १९६२ को जन्मे मुनि श्री समता सागर जी महाराज का जन्म नन्ही देवरी( सागर)में  माता श्री मति चिरोंजा वाई एवं नगर श्रैष्टी श्री राजाराम जी के यंहा पर हुआ। आपकी लौकिक शिक्षा हायर सेकंडरी तक हुई।सन् १९८० में मु्क्तागिरी में आपको इस युग के महान संत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के दर्शन मिले और उनसे प्रभावित होकर वैराग्य पथ पर आगे वड़े।
११:११:१९८२ को नैनागिर जी में सप्तम प्रतिमा धारण कर गृह त्याग कर दिया। १० फरवरी १९८३ को शास्वत सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी में आपको आचार्य श्री से ऐलक दीक्षा एवं ईशरी में २५ सितंबर १९८३ को मुनि दीक्षा ली आप संघ में १० वे नंम्बर के दीक्षार्थी वरिष्ठ मुनि हें।
इस अवसर पर मुनि श्री ने समाज वंधुओं को आशीर्वाद देते हुये कहा कि में जन्म दिन मनाने को सार्थक नहीं मानता “वर्थ डे नही सार्थक डे मनाऐ” संयम के इस पथ को अंगीकार करें, और यदि इस पथ को स्वीकार नहीं कर पा रहे है, तो केक काटकर होटलों में जाकर पार्टियों में धन और श्रम न गंवाऐं वल्कि धार्मिक कार्यक्रमों मे में अपना समय दें गौ शालाओं में जाकर सेवा करें। तथा उनके भोजन पानी की व्यवस्था करें।
इस अवसर पर ऐलक श्री निश्चयसागर जी महाराज ने कहा कि मुनि श्री समता सागर जी महाराज एक अच्छे विचारक लेखक एवं प्रभावी प्रवचनकार है। भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के गर्भ जन्म तप और ज्ञान कल्याणक भूमी शीतलधाम पर ३८ वां चातुर्मास संपन्न होंने जा रहा है। मुनि श्री के साथ लगातार २७ वर्ष से हुं।
आज के इस शुभ दिवस चातुर्मास कमेटी का गठन हृदयमोहन जैन के परम संरक्षकत्व तथा  वसंत जैन की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें समाज के सभी वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है। समिति के सभी कार्यकर्ताओं को विभिन्न समितिओं के माध्यम से इस चातुर्मास को सफल करने का संकल्प गुरुचरणों में लिया।
देव शास्त्र गुरू को साक्षी मानते हुये शैलेष जैन एडवोकेट ने कमेटी के सभी सदस्यों को सपथ दिलाई। एवं सभी ने अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुये तन मन धन से समर्पित भाव से सेवा करने का वचन दिया। इस अवसर पर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की संगीतमय पूजन की गई एवं मुनि श्री को अर्घ समर्पित कर उन्सठ वे अवतरण दिवस पर 59 दीपों से आरती की गई।
अपने जन्म दिवस पर मुनि श्री ने कहा हम तो जन्म दिवस मनाते नहीं और न ही हम मनाने की प्रेरणा देते है। उन्होंने कहा कि जितने भी वरिष्ठ नागरिक है वह जन्म दिन भगवान का अभिषेक पूजा भक्ती कर गौ शालाओ में दान देकर मनाऐं।
इस अवसर पर ऐलक श्री निश्चय सागर जी महाराज ने जिन शासन की महिमा मंडित करते हुये कहा कि २० वी शताब्दी मे हम सभी को गर्व है, कि जिस काल में गुरदेव का जन्म हुआ उस पंचम काल में हमारा भी जन्म हुआ, हम सभी को ज्ञान का दीपक मिले और अज्ञान रुपी अंधकार का नाश हो।
हृदयमोहन जैन ने सम्वोधित करते हुये कहा कि आज का दिवस संकल्प दिवस के रुप में है। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री समता सागर जी महाराज का चातुर्मास जो कि पांच माह तक हम सभी को मिला है, इस सौभाग्यशाली दिवस को हम सभी संकल्प करें, और इस चातुर्मास को सफल वनाने के लिये सभी लोग तन मन धन से समर्पित होकर कार्य करें।
महिलाओं की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही डा. शोभा जैन ने कहा कि धर्म की पताका फैराने के लिये हम सभी युवा वने रहें। इस अवसर पर वसंत जैन ने मुनिसंघ को वचन दिया कि वह अपनी पूरी टीम के साथ इस चातुर्मास को एवं आचार्य श्री के आशीर्वाद से वनने जा रहे शीतलधाम को वनाने की दिशा में तन मन धन से समर्पित रहूंगा।
~ब्यूरो चीफ देवांश जैन (विदिशा) मध्यप्रदेश
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