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जैनाचार्य श्री जयरत्नसूरीशवरजी म सा आदि का भाण्डवपुर तीर्थ में चातुर्मास प्रवेश हुआ

AHINSA KRANTI NEWS/ RAJENDRA JAIN


सायला। उपखण्ड क्षेत्र श्री भाण्डवपुर महातीर्थ में प्रात 7:30 बजे जैनाचार्य श्री जयरत्नसूरीशवर म सा आदि मुनि भगवंत विदुषी साध्वीजीश्री सुर्यकिरणाश्रीजी म सा आदि ठाणा 9 का चातुर्मास मंगल प्रवेश हुआ। पुण्य सम्राट श्री जयन्तसेनसूरीशवरजी के पट्टधर भाण्डवपुर तीर्थद्वारक सूरिमंत्र आराधक आचार्यदेव श्रीमद् जयरत्नसूरीशवरजी म सा मुनिराज अशोकविजयजी आदि ठाणा 5 विदुषी श्रमणिवर्या श्री सुर्यकिरणाश्रीजी आदि ठाणा एवं साध्वीजी श्री काव्यरत्नश्रीजी आदि श्रमणिवृंद का पेट्रोल पंप हाॅस्पिटल होते हुए तीर्थ के मुख्य प्रवेश द्वार पर पधारे। चातुर्मास आयोजक सुराणा निवास मातोश्री मालू देवी पुखराजजी पिधाजी पालगोता चौहान छत्राणी परिवार के  सदस्य चंपालाल  एवं धर्मपत्नी मुनिदेवी व अन्य महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर समस्त श्रमण- श्रमणिवृंद की अगवानी की गहुंली कर वधाने के पश्चात तीर्थधिपति श्री वीर प्रभु समर्थ दादा गुरुदेव श्री पुण्य सम्राट श्री एवं योगीराज श्री के समाधि के दर्शन वंदन कर सभा मंडप परिसर में आचार्य श्री का मांगलिक प्रवचन हुआ। 

मांगलिक उद्बोधन में जैनाचार्य श्री ने चातुर्मासकाल में विराधना से हटकर आराधना करने का अमूल्य अवसर बताया कोरोना वायरस के कारण प्रशासनिक नियमों की पालना करते हुए आयोजन किए जाएंगे भीड़ एकत्रित न कर आराधना तपस्या एवं स्वाध्याय की प्रवृत्ति विशेष रुप से होगी। इस वर्ष विशेष रुप से चर्चाचक्रवर्ती आचार्य श्री धनचंद्रसूरिशवर जी की स्वर्गरोहण शताब्दी योगीराज श्री शांतिविजयजी की जन्म शताब्दी के साथ ही भाण्डवपुर महातीर्थ के जीर्णोद्धार की शताब्दी भी मनाई जाएगी। प्रशासनिक आदेशों के पश्चात उपरोक्त तीनों कार्यक्रम की रुपरेखा घोषित की जाएगी । सन् 2020 के चातुर्मास का लाभ सुराणा निवास मातोश्री मालुदेवी पुखराजजी पालगोता छत्राणी परिवार द्वारा लेने की घोषणा की गई ।

आगंतुक अतिथि एवं मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए। पेढ़ी ट्रस्टी व चातुर्मास आयोजक चंपालाल पालगोता ने चातुर्मासिक आराधनार्थ आमंत्रण दिया। दाडमचंद जैन ने चातुर्मास का लाभ लेने का पालगोता छत्राणी  परिवार को धन्यवाद देते हुए कोरोना से बचाव हेतु दुरी शुद्धिकरण व नियमों को पालन करने की अपील भी की यतींद्र वाणी स संपादक कुलदीप प्रियदर्शी ने काव्य पाठ किया। जैनचार्य 5 जुलाई से 90 दिवसीय सुरिमंत्र पीठिका अराधना शुरू करेंगे। आराधना के समय जैनाचार्य एकांतवास में रहेंगे। प्रवेश में सम्मिलित होने के लिए मेंगलवा, सायला, सुराणा, दादाल, कोमता,पोषाणा, जूनी वाली, धुम्बडिया, दासपां, भीनमाल, सांचौर, उदयपुर, पाथेडी, रानीवाड़ा, जालोर, व सुमेरपुर, कोलीवाड़ा, आदि नगरों से गुरूभक्तगण पहुंचे। जालौर त्रिस्तुतिक जैन संघ के पदाधिकारी वसन्त सोलंकी विकास बोहरा मदनराज जैन व तरूण सोलंकी आदि भी उपस्थित थे। अंत में संघ पूजन किया गया।Attachments area

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