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स्वामी चौथमल महाराज का जन्म-स्मृति दिवस एवं आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज का दीक्षा दिवस मनाया

AHINSA KRANTI NEWS


नागौर जिले के फ़िरोजपुरा ग्राम में हुआ था चौथमल महाराज का जन्म
श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में बुधवार को त्रिवेणी संगम के रूप में जयगच्छीय स्वामीवर्य चौथमल महाराज का 130 वां जन्म दिवस एवं 68 वां स्मृति दिवस, जयगच्छाधिपति 12 वें पट्टधर आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज का 60 वां दीक्षा दिवस धर्म-ध्यान,तप-त्याग,दान-पुण्य के कार्य कर मनाया गया।ऑनलाइन प्रवचन का किया गया आयोजनऑनलाइन प्रवचन द्वारा इस पावन प्रसंग पर भक्तगणों को संबोधित करते हुए डॉ.पदमचंद्र महाराज की सुशिष्या जैन समणी डॉ.सुयशनिधि ने कहा कि महापुरुषों का गुण कीर्तन और श्रद्धा सहित किया गया स्मरण कल्पवृक्ष की भांति फलदाई होता है।  स्वामी चौथमल महाराज के जीवन के बारे में बताते हुए डॉ.समणी ने कहा कि वि. सं. 1947 आषाढ़ शुक्ल तृतीया के दिन मारवाड़ प्रांत के नागौर जिले के कुचेरा कस्बे के निकट फिरोजपुरा ग्राम के डूकिया जाट परिवार में चौथमल महाराज का जन्म हुुआ। 

8 वर्ष की अल्प आयु में गुरु का सानिध्य प्राप्त कर मात्र 11 वर्ष की उम्र में संयम धारण किया। उत्कृष्ट आचार विचार चारित्र युक्त प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे श्रुताचार्य चौथमल महाराज । अनेक मांसाहारी राजा महाराजाओं को उपदेश देकर पशु बली एवं मांसाहार का त्याग करवाया था। उनकी काव्य कुशलता, संघ संगठन का उद्देश्य, अद्भुत कष्ट सहिष्णुता एवं सम्पूर्ण भारत में सर्व प्रथम “जैन धार्मिक शिक्षण शिविर” की श्रृंखला सियाट ग्राम से प्रारंभ करने का कीर्तिमान भी आपने स्थापित किया। वि. सं. 2009 में जोधपुर में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को 13 दिन का संथारा पूर्ण कर रात्रि 3.45 बजे को इस महान आत्मा ने महाप्रयाण कर दिया।जयगच्छाधिपति आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज के दीक्षा दिवस पर डॉ.समणी ने कहा कि उनका उपकार जैन, अजैन सभी समुदाय के लोगों पर बहुत अधिक है।

वे मात्र 11-12 वर्ष की उम्र में 24 जून 1961 में कटंगी गांव में प्रव्रज्या ग्रहण कर स्वामीवर्य चांदमल  महाराज साहेब के शिष्य बने। आगम के गूढार्थों के ज्ञाता, उच्च कोटि के सिद्ध साधक, दृढ़ मनोबली, आशुकवि, साधनाशील, उग्र विहारी, व्याख्यान वाचस्पति, कठोर तपस्वी, इतिहास प्रेमी और सम्पूर्ण स्थानकवासी परंपरा में संयम पर्याय में सबसे ज्येष्ठ आचार्य है। सम्पूर्ण भारत वर्ष में गुरुभक्तों ने श्रद्धा सहित धर्म ध्यान जप जाप द्वारा आचार्य भगवान को आध्यात्मिक शुभकामनाएं दी।नवकार महामंत्र एवं जयमल जाप का किया आयोजनसंघ के संजय पींचा ने बताया कि त्रिवेणी संगम के उपलक्ष्य में सभी जय संघीय निवासों पर श्रावक-श्राविकाओं ने परिवार सहित नवकार महामंत्र का जाप एवं महाचमत्कारिक जयमल जाप किया। वहीं अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास,आयंबिल,एकासन तप भी किया। इस पावन प्रसंग पर जयमल जैन श्रावक संघ के कार्यकर्ताओं ने जीव दया के कार्य भी किए।डॉ.पदमचंद्र महाराज का दीक्षा दिवस गुरुवार कोसंघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने बताया कि जयगच्छीय जैन संत डॉ.पदमचंद्र महाराज का दीक्षा दिवस गुरुवार को मनाया जाएगा।

ऑनलाइन प्रतियोगिता का होगा आयोजनइन सभी पावन प्रसंगों पर अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ एवं जेपीपी अहिंसा रिसर्च फाउंडेशन  के तत्वावधान में समणी प्रमुखा श्रीनिधि एवं समणी श्रुतनिधि द्वारा ” ‘प’ से उत्तर लाओ परम पद को पाओ” ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन गुरुवार को होगा।प्रतियोगिता के रेजिस्ट्रेशन बुधवार को बंद हुए। प्रतियोगिता को लेकर नागौर के जय संघीय श्रावक-श्राविकाओं में खास उत्साह नजर आ रहा है। अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने प्रतियोगिता में रेजिस्ट्रेशन करवाया है।फ़िरोजपुरा में किया गया है जय चौथ गुरु सेवाश्रम का निर्माण” हमारे गांव फ़िरोजपुरा में पूज्य गुरुदेव आचार्य पार्श्वचन्द्र महाराज साहेब और डॉ. पदमचन्द्र महाराज साहेब की प्रेरणा से स्वामी चौथमल महाराज साहेब की स्मृति में सांसारिक पारिवारिक जनों ने जगह भेंट की जहां पर भामाशाहों के सहयोग से श्री जय चौथ गुरु सेवाश्रम का निर्माण किया गया है।”-ओमप्रकाश डूकिया,फ़िरोजपुराचौथमल महाराज के सांसारिक पौत्र

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