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जैन प्रवचन jain pravchan

आत्मा और शरीर भिन्न हैं : आचार्य महाश्रमण

AHINSA KRANTI NEWS हैदराबाद। नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति का संदेश देकर मानवता का उत्थान करने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण ने उपस्थित

सूरज और संत को कभी छुट्टी नहीं मिलती : मुनि श्री समता सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - धर्म के क्षेत्र में किया गया दान आपके खाते में पुण्य रुप परिवर्तित होकर ओन लाईन पहुच जाता है जैसे प्रवचन

आगम सम्पदा अमूल्य : आचार्य महाश्रमण

AHINSA KRANTI NEWS / RAJENDRA BOTHRA हैदराबाद। तीर्थंकर के प्रतिनिधि तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी ने धर्मसभा को अमृत

धर्म के क्षेत्र में यदि कोई अवसर पुण्य कमाने का मिलता है, तो उसको अवश्य ले लैना चाहिये :…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - धर्म के क्षेत्र में यदि कोई अवसर पुण्य कमाने का मिलता है, तो उसको अवश्य ले लैना चाहिये इससे अशुभ कर्म तो

गुरु के द्वारा साधु-शिष्यों की सारणा-वारणा-चोयणा-पडिचोयणा होनी चाहिए : आचार्य भव्यदर्शन…

AHINSA KRANTI NEWS मैसूर। श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्त्वावधान में महावीर भवन में चातुर्मास बिराजित आचार्य विजय भव्यदर्शन सूरीश्वरजी म. ने

कल्पतरू में मनाया गया आचार्य श्री तुलसी जन्मोत्सव

महामानव थे गुरुदेव श्री तुलसी: आचार्य महाश्रमण AHINSA KRANTI NEWS / RAJENDRA BOTHRA हैदराबाद। अणुव्रत आंदोलन का सूत्रपात कर भारत ही नहीं अपितु विश्व में

आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज की अचानक समाधि हो जाना श्रमण परंपरा के साथ जैन समाज के लिये…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - शीतलधाम में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये मुनि श्री समतासागर जी एवं ऐलक निश्चयसागर जी महाराज ने

बड़े ही उत्सह के साथ मनाया भगवान महावीर स्वामी का मोक्ष कल्याणक दिवस

पावापुर के जल मंदिर की रचना कर किया निर्वाण लाड़ू समर्पित अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव शीतलधाम

पूजा और भक्ती से आपके अंदर कषाय की कमी आती है : मुनि श्री समता सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भदलपुर) पूजा कभी भी किसी तीर्थंकंर की या सिद्धक्षेत्र की करो वह सदैव पुण्यदायी एवं नियम से मुक्ती का कारण होती है,