Browsing Category

जैन प्रवचन jain pravchan

प्रशंसा के भूखे योग्यता से कंगाल होते है – मुनि श्री सौम्य सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - एक किसान समयोचित समय में जब योग्य वीज को योग्य खाद पानी के साथ वो देता है,तो जब वह अंकुरित होता है तो अपने माथे पर

“जैसी संगति मिलती वैसी मती होती है” -मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - सत्ता शास्वत होती है सम्भावनाएं प्रतिसत्ता में होती है आचार्य गुरुदेव मूक माटी के माध्यम से आत्मा और पर्याय की

इतिहास के पन्नो मे हमेशा हमेशा अजर अमर रहेगा मुनिअमरेश — प्रवर्तक सुकन मुनि

उदयपुर अहिंसाक्रान्ति ब्यूरो चीफ सतीशचंद लुणावत अशोक नगर स्पष्ट वक्ता कुशल संचालक साधक संत रत्न थे मुनि अमरेश निराला प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने लोकाशाह जैन

अतिनद्रिय ज्ञान भी तभी आ सकता है,जब जितेन्द्रिय ज्ञान आपके अंदर प्रवेश कर जाता है –…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - व्यक्ती बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और होता है,जो वह अंदर से है उसे वह छुपाना चाहता है,और बाहर से जो दिख रहा है उसे

श्री चौबीस तीर्थंकर महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने जगत कल्याण की भावना और विश्व शांति के…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन भोपाल - श्री पार्श्वनाथ जिनालय शंकराचार्य नगर में आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संभव सागर महाराज, मुनिश्री

मोक्ष की इच्छा रखने का नाम मुमुक्षु नहीं, जो छोड़ना जानता हो उसका नाम मुमुक्षु है –…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - लौकिक क्षेत्र में तो वह "विद्या दान"देते ही थे,लेकिन पारलौकिक क्षेत्र में भी इतने अच्छे से ज्ञान दैनै की कला जिसके

बच्चों से मित्रतापूर्ण व्यवहार करना चाहिये – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - ज्ञानी दर्द को सहता है,ओर सोचता है कि में सिद्ध कब वनूंगा जबकि अज्ञानी दर्द में अपनी इस देह को नष्ट करना चाहता है,

हम यदि अनंत को प्राप्त करना चाहते है, तो वर्तमान में जीना होगा वर्तमान को कभी भूलना नहीं…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - छोटे छोटे झरने जो कि मौसमी हुआ करते है, वह अक्सर वहूत आबाज करते है,और सूख जाया करते है,लेकिन जो नदियाँ धीरे

शुक्रवार से प्रारंभ होंगे दसलक्षण पर्व, जिनालयों में होंगे विशेष आयोजन

दसलक्षण पर्व पर बहेंगी धर्म की गंगानगर के जिनालयों में होंगे विशेष आयोजन अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - जो पदार्थों का आप एक बार त्याग कर चुके

सम्यक् दर्शन घर में वैठकर प्राप्त नहीं होता उस अष्टांग सम्यक् दर्शन के लिये उन आठ अंगों का…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा - इस जीव ने जंहा स्वर्ग सुख का आनंद उठाते हुये अमृत का रस पान किया है,वंही नरक और निगोद की यात्रा कर त्रस पर्याय का