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चातुर्मास की खबरे एवं जानकारी

क्षमा और अहिंसा से दुनिया की बड़ी से बड़ी शक्ति को जीता जा सकता है : मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन भोपाल : आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद एवं मुनि श्री संभव सागर जी, विराट सागर जी, मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी महाराज ससंघ की प्रेरणा से

जैसे-जैसे जीवन में मनुष्य का लाभ बढ़ता है, वैसे-वैसे उसका लोभ बढ़ता जाता है – मुनिश्री संस्कार…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन भोपाल - आचार्य विराटसागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संस्कारसागर महाराज का श्री शांतिनाथ जिनालय दानिशकुंज में चतुर्मास हो रहा है। क्षेत्र के मंदाकिनी

पुण्य के फल से जो वैभव और संपदा मिली है उसका त्याग करो – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - धन कमाने के लिये तो चीन अमेरिका और न जाने कंहा कंहा आसमान लांघ कर चले जाते हो, लेकिन धर्म कमाने के लिये जिनको जिन मंदिर दूर लगते

प्रत्येक व्यक्ति के अंदर कोई न कोई अच्छाई या विशेष गुण होते है – मुनि श्री सौम्यसागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - संसार एक खेल है,जो इस संसार के खेल में महारथ हांसिल कर लेता है,उसकी जयजयकार होती है,और जो मोहरे वन कर रह जाते है, उसकी पराजय।

संकल्प संस्कारों से ऊँचा उठायें जीवन स्तर – मुनिश्री संभव सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन भोपाल - सहज, सरल व्यवहार, उज्जवल आचरण के बल पर हम अपने जीवन को उन्नति की ओर उन्मुख कर सकते हैं और इसी जीवन को अपने खराब आचरण से कलंकित भी कर सकते

मन से जो साधना की जाती है,वह कभी व्यर्थ नहीं जाती – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - संयम का मार्ग इतना कठिन भी नहीं कि आप उस पर चल न सको और इतना सरल भी नहीं कि हर व्यक्ती उस पर चल सके पूरा विश्व असंयम की चपेट में

गलतियों से सीख ले और जीवन में सुधार की गुंजाइश हमेशा रखें – मुनि श्री संस्कार सागर महाराज

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन भोपाल - आज हर कोई दूसरों की गलती को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए दौड़ रहा है और कोई भी गलतियों को सुधारने का प्रयास नहीं कर रहा है। जबकी जरूरत

मुमुक्षु का अर्थ ही है,मोक्ष की इच्छा रखना और जो मोक्ष की इच्छा रखता है,वह कभी घर नहीं वैठ सकता…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - प्रत्येक आत्मा में कैवल्यज्ञान को प्राप्त करने, एवं लोक आलोक के इस आलौकिक वैभव को देखने की शक्ति है, लेकिन धर्मास्तिकाय का आलोप

आत्मा की उपासना के लिये तो निज देह में निज तत्व की उपासना करना जरूरी है – मुनि श्री सौम्य सागर…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - सभी भारतीय त्योहारों में खूब अच्छे अच्छे कपड़े पहनते हो, लेकिन "होली" एक ऐसा त्योहार है कि सबसे पुराने कपड़े पहनना पसंद करते हो,

दूसरों के निमित्त से भी यदि तुम आर्त ध्यान करोगे तो भी तुम्हारा धर्म ध्यान हो जाएगा – मुनि…

अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन विदिशा(भद्दलपुर) - जिस चिंतामणि रत्न को पाने के लिये तुमने अपने घर में रहकर के जीवन के साठ सत्तर साल आर्त और रौद्र ध्यान मे निकाल दिये और फिर भी वह