जैन समाचार

BREAKING NEWS- जैन संत का अपमान करके निकाला जैन तीर्थ से*


*जैन संत को नही दे सकते ज्यादा दिन रुकने : ट्रस्टी*

AHINSA KRANTI NEWS

27 जून 2020सिकंदराबाद। एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे जैन संत बता रहें है कि  दादावाड़ी के ट्रस्टियों ने मुझे यहां से जाने के लिए कहा, जबकि में कोरोना को देखते हुए यही जगह स्थितरा करके कार्तिक पूर्णिमा तक धर्म ध्यान करने की इच्छा थी, वीडियो में ये भी बताया जा रहा है कि जैन संत की तपस्या चल रही थी,  दूसरे वीडियो में ट्रस्टियों से इस बारे में जवाब मांगा जा रहा है तो भागते नजर आए वीडियो में, जिस गच्छ के ये संत है उसी गच्छ का ये तीर्थ भी है, अगर ऐसा व्यवहार इसी गच्छ के जैन संत के साथ हो रहा है तो ये दूसरे सम्प्रदाय के संतों को ठहरने देंगे, क्या ये उचित है, आज जंहा कोरोना में जरुरतमन्दों के लिए लोग रूकने से लेकर खाने की व्यवस्था कर रहे है वही दूसरी और जैन संत को रुकने नही दे रहे है, वही संत है ये जो तीर्थ की प्रतिष्ठा पर बुलाकर उनके सामने करोड़ो की बोलिया लगवाते हो, इसके बाद भी 5 महीने तक उनके रुकने के लिए व्यवस्था नही कर पा रहे हो।


*हमारे दादावाड़ी के नियम है ज्यादा दिन नही रुकने दे सकते*अहिंसा क्रांति समाचार द्वारा जब कई ट्रस्टियों को फोन किये लेकिन उनमें से एक दादावाड़ी के ट्रस्टी ने फोन उठाकर बात की इस बारे में तो उनका कहना था कि हमने इनकी व्यवस्था आगे की थी, क्योंकि हमारे यहां के कुछ नियम है, इतने दिन रुकने नही दे सकते और ना ही यंहा व्यवस्था है, आगे उनका कहना था कि में आपको फोन पर जवाब नही दे सकता इस बारे में, जिसकी रिकॉर्डिंग पूरी अहिंसा क्रांति के पास है। 


*साधु-संतो के ठहरने के कबसे बने नियम*जिन साधु संतों की निश्रा में बड़े बड़े तीर्थ बने,  उनके आहार-विहार की व्यवस्था ही नही है, ना ही वो उस तीर्थ में रुक सकते है, क्या ऐसी कोई नियमावली है कि साधु-संत इतने दिन से ज्यादा किसी तीर्थ में नही रुक सकते है।

भारत सरकार से मान्यता प्राप्त*अहिंसा क्रांति समाचार पत्र* व्हाट्सएप 8718831120

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