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बिना लक्ष के चलने वाला व्यक्ति जीवन भर भटकता ही रहता है-मुनि श्री समता सागर जी महाराज

मध्यप्रदेश अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन

विदिशा(भद्दलपुर) – चलना उसी का सार्थक होता हें,जिसका मार्ग सुनिश्चित होता है। उपरोक्त उदगार मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने जिन वंदना कार्यक्रम के आठवे दिवस श्री आदिनाथ जिनालय खरीफाटक रोड़ पर व्यक्त किये

उन्होंने कहा कि अगर कोई जीवन  भर चले और उसे कंहीं नहीं पहुंचना हो तो तो उसके चलने का कोई महत्व नही होता उसी प्रकार विना लक्ष्य के चलने वाले व्यक्ति का कोई उद्देश्य नहीं होता वह जीवन भर भटकता ही रहता है। उन्होंन कहा जीवन का मुख्य लक्ष्य सम्यक् दर्शन को प्राप्त करना होता है, सम्यक् दर्शन से ही हमारी दिशा सू निश्चित होती है, और सम्यक् चारित्र हमारी उस दशा को निर्धारित करता है।

मुनि श्री ने विना लक्ष्य के जीवन विताने वाले को कुत्ते की वृत्ति के समान वताते हुये कहा कि कुत्ता का जीलन इधर उधर डोलना, जंहा जो कुछ मिल गया उसे खाना और शेष समय में लड़ना और झगड़ना। श्वान प्रवृत्ति से वचना चाहते हो  तो अपने आचरण को सुधारे।

उन्होंने कौवा के जीवन से सीख सुनाते हुये कहा कि कौवा कभी अकेले नहीं खाता वल्कि अपने सभी साथिओं को कांव कांव कर आमंत्रित कर लेता है, लेकिन वंही स्वान पृवृति में वह अपनों से ही झगड़ता है। हालांकि कुत्ता वहूत वफादार प्राणी होता है, लेकिन उसके एक दुर्गुण से उसकी सारी अच्छाईयां समाप्त हो जाती है।

मुनि श्री ने कहा कि जिन वंदना कार्यक्रम के अन्तर्गत आज श्री आदिनाथ जिनालय में आना हुआ। इस जिनालय के निर्माण में संकल्प शक्ती का वहूत वड़ा हाथ है।स्व. श्री विजयकरण जी पाटनी की धर्म पत्नी श्री मति मनोरमा देवी पाटनी का मंदिर वनाने का जो संकल्प था वह उनके परिवार जनों ने पूरा किया है। परिवार के सभी सदस्य आशीर्वाद के पात्र है। 

उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने चातुर्मास का निवेदन किया चातुर्मास की संयोजना वन रही है यह निश्चित है कि विदिशा में ही चातुर्मास होगा। जंहा भी होगा उसमें आप सभी को सामिल होंना है। उन्होंने कहा कि मोक्ष मार्ग की प्रथम सीड़ी सम्यक् दर्शन को प्राप्त करना होता है।

उन्होंने कहा कि सम्यक् दर्शन का अर्थ है तत्व के प्रति श्रद्धान होंना आप सभी लोग तत्व के प्रति जागरूक हों। इस अवसर पर ऐलक श्री निश्चयसागर जी महाराज ने भी सम्वंधित किया एवं क्षु. श्री ध्यान भूषण जी मंचासीन रहे।

मुनिसंघ एवं श्री शीतलधाम के प्रवक्ता अविनाश जैन ने वताया जिन वंदना कार्यक्रम के अंतिम दिवस 1 जुलाई को मुनिसंघ प्रातःकालीन वेला में 7:30 वजे अरिहंत विहार जैन मंदिर से शांतीनाथ जिनालय खरीफाटक रोड़ पर पधारेंगे।7:45 से शांतिधारा 8:15 से प्रवचन एवं 9:45 से आहार चर्या संपन्न होगी दौपहर में 3:30 से 4:30 तक मूलाचार की कक्षा संपन्न होगी। एवं 4:45 पर अरिहंत विहार की ओर प्रस्थान होगा।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन (विदिशा) मध्यप्रदेश

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