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तेरापंथ महिला मंडल हैदराबाद द्वारा नेशनल सेफ्टी वीक के तहत सेमिनार हुआ आयोजित

AHINSA KRANTI NEWS / RAJENDRA BOTHRA

हैदराबाद। तेममं का अवेयरनेस सेमिनार अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा निर्देशित स्व  से शिखर तक-पांचवा चरण,राष्ट्र” नेशनल सेफ्टी वीक,  होगी वायरस पर जीत* 2अक्तूबर से 9अक्तूबर तक चला,  इस विषय पर तेरापंथ महिला मंडल, हैदराबाद  द्वारा 9अक्तूबर को डिजिटल सेमिनार रखा गया। कार्यक्रम का सुन्दर शुभारंभ मंगलाचरण के मंगल भावों की मंगल प्रस्तुति निशा पींचा व ज्योति मुणोत ने की।अध्यक्ष प्रेम जी पारख ने सभी का स्वागत किया ।

प्रमुख प्रवक्ता  डॉ  निशिता दीक्षित अग्रवाल का परिचय शीतल सांखला ने दिया । डॉक्टर निशिता दीक्षित  अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में  कहा-  कोरोना वायरस पर विजय पाने के लिए चिंता नहीं  चिंतन करना है। करोना से डरने की आवश्यकता नहीं है ।हमारी स्वदेशी भारतीय जीवन शैली इतनी अच्छी है कि निश्चित समय पर योग, ध्यान, आसन, खानपान से रोग प्रतिरोधक क्षमता हममें  ज्यादा है ,3 से 4% लोगों की ही मृत्यु हो रही है ,बे भी या तो उम्र वाले या डायबिटीज आदि से ग्रस्त है। हैप्पी हारमोंस हमारे शरीर में बनते हैं,  हम प्रसन्न रहेंगे तो हमारा मनोबल भी बढता है। कोरोना संक्रमण श्वसन तंत्र से जाकर फेफड़ों पर ज्यादा अटैक करता है, खून में थक्के जम जाते है ।

सामान्य निमोनिया से कुछ हटकर है ।रोगी को सांस लेने में तकलीफ होती है ,बुखार ,सर्दी खांसी, सुनने की क्षमता कम, सीने में दर्द आदि लक्षण है,  कुछ लोगों में पता ही नहीं चलता दो-तीन दिन सर्दी बुखार रहकर ठीक हो जाते हैं। जो पहले से ही डायबिटिक है, उम्र वाले हैं या बीमारियों से ग्रसित हैं उन पर असर जल्दी होता है। 14 दिन रोगी को अलग कमरा अलग बाथरूम दे दो करो ना वायरस 14 दिन के बाद खत्म हो जाता है ।हाथों को सेनिटाइजर हो तो ठीक नहीं तो 2 मिनट तक सामान्य साबुन से हाथ धोने, दूसरी इंपोर्टेंट चीज है आने वाले 6 महीनों तक हम मास्क का प्रयोग बराबर करें।

रोगी की देखभाल करते हुए अपने प्रति सावधानी रखें ।डिजिटल थर्मामीटर ,ऑक्सीमीटर घर में रखें ।ऑक्सीजन की मात्रा 93 से ऊपर ही होनी चाहिए, हार्टबीट72 रहती है,इसमें  120 तक चली जाती है ,जी मिचलाना ,पेट दर्द भी हो सकता है  । प्रतिदिन तीन से चार लिटर गुनागुना या गर्म पानी में, नींबू की मात्रा, विटामिन सी, विटामिन बी कंपलेक्स टेबलेट लेना बुखार के लिए क्रोसिन पेरासिटामोल ले, ताजा मौसमी का जूस नारियल पानी ले ,बाजार का कुछ नहीं खाए ।ओम का उच्चारण करें यह बहुत वैज्ञानिक है इससे बहुत सारे  बैक्टीरिया वायरस दूर हो जाते हैं ,सही तरीके से करें तो वातावरण शुद्ध होता है।

नियमित प्राणायाम भी करें अनुलोम विलोम , भ्रमरी प्राणायाम ,कपालभाती। इनसे फेफड़ों की क्षमता बढ़ेगी इम्युनिटी बढ़ेगी, फेफड़े मजबूत बनेंगे। पुरानी जीवन शैली  को फिर से पकड़ ले  प्राकृतिक तरीके से जीने की आदत बना ले अब हमें पीछे मुड़ कर देखना चाहिए कि हमने कहा गलतियां की ।अंकुरित भोजन, मौसमी, संतरा  , नींबू का रस ,गिलोय का रस पपीते के पत्तों का रस भी बहुत कारगर है ,पेट के बल लेटकर गहरे 2 लम्बे सांस लें तब भी फेफड़े मजबूत बनते हैं ।करोना को परास्त करने के बाद भी 2 महीने तक कुछ लक्षण रह सकते हैं जैसे शरीर में थकान, मांसपेशियों में दर्द,  सीढ़ियां चढ़ने में हाफना आदि।पेट फूलन,अपच में अजवाइन का प्रयोग करें ।जनऊर्जा मंच के माध्यम से बहुत सारे अवेयरनेस के कार्यक्रम हो चुके हैं ।आरोग्य मीशन  हम सबका मिशन होना चाहिए । मानसरोवर की बहनों ने लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल संचालन अनीता गिरिया ने  किया । आभार ज्ञापन  संयोजिका  रीता जी  सुराणा ने किया।

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