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जयकारों के साथ आचार्य शांतिसागर महाराज के चरण स्थापित

गणिनी आर्यिका 105 गुरुमा भरतेश्वर मती माताजी ससंघ का मंगल विहार रविवार को 

जयपुर – 16 नवम्बर – गणिनी आर्यिका 105 श्री भरतेश्वरमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में जैन धर्म के 20 वी सदी के प्रथम आचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर महाराज के चरणों की जयकारों के बीच स्थापना की गई। अध्यक्ष बाबू लाल पाटनी व मंत्री नेमी चन्द बाकलीवाल ने बताया कि आर्यिका माताजी के सानिध्‍य में समाज श्रेष्ठी अशोक  – अंकित  बाकलीवाल के निवास 67/38 (अल्प बचत केंद्र के पीछे) पर आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के चरणों की  मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की गई। इस मौके पर गुरु माॅ के पाद पक्षालन व मंगल आरती का पुण्यार्जन अशोक-प्रेम लता अंकित – दिव्या बाकलीवाल एवं विनोद – दीपिका जैन ‘कोटखावदा’ को मिला।इस मौके पर समाजसेवी अशोक- सुशीला साह आबूजीवाले, मुकेश बनेठा, बाबू लाल पाटनी व नेमी चन्द बाकलीवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग व श्रद्धालु शामिल हुए।  

प्रतापनगर के सैक्टर 8 शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार रविवार को

जयपुर –                                                      चार महीने के आनंदमयी अमृत चातुर्मास के बाद रविवार 17 नवम्बर को वो दिन आ ही गया जब परम पूज्य आचार्य 108 श्री विमल सागर जी एवं आचार्य 108 श्री भरत सागर जी की सुविज्ञ  शिष्या परम पूज्या वात्सल्य वारिधि गुरु माँ गणिनी आर्यिका 105 श्री भरतेश्वरमति माताजी ससंघ का मंगल विहार  रविवार को सेक्टर 8 प्रताप नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के लिए होगा                 

                                   नवयुवक मंडल के अध्यक्ष चेतन जैन निमोडिया के अनुसार रविवार दोपहर 12:30 बजे से श्योपुर के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर में विनयांजलि सभा   होगी जिसमें                       दसलक्षण उपवास एवं तेला करने वालो का सम्मान        किया जावेगा। इस मौके पर                                                                 माताजी का पाद प्रक्षालन    व मंगल आरती की जावेगी।                       आर्यिका माताजी द्वारा आशीर्वचन एवं मंगल उद्धबोधन    होगा।     तत्पश्चात बैण्ड बाजो के साथ भव्य जूलूस के रूप में मंगल विहार होगा।

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