breaking news मुख्य समाचारJain News

क्रिया भवन में चारित्र पद की महत्ता बताई व पंचकल्याणक पूजन हुआ, चरित्र सुख आत्म कल्याण का मार्ग–प्रफुल्लप्रभाश्री


श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागछ के तत्वाधान में आठवें दिन चारित्र पद गुणगान व पंच कल्याणक पूजन किया गया ।
संघ प्रवक्ता धनराज विनायकिया ने बताया कि बरखेड़ा तीर्थो द्वारिका कुशलमार्ग निर्दिशिका साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री प्रवचनकारा साध्वी वैराग्य पूर्णाश्री आदि के सानिध्य में नगर स्थित रत्न प्रभ धर्म क्रिया भवन में सामूहिक लाभार्थी परिवारों द्वारा नवपद ओली आंयम्बिल आराधना के आठवें दिवस  चारित्र पद महिमा गुणगान एवं वल्लभ महिला मंडल द्वारा  संगीतमय वातावरण के साथ पंच कल्याणक परमात्मा पूजन  किया गया जिसमें कई आराधकों ने आराधना व आयंम्बिल तप में भाग लिया ।


चारित्र पद महिमा पर साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री ने बोलते हुए कहा कि चारित्र पद से निशचलता निर्विकारिता व निमाहता आदि विशेष गुण विद्यमान है । चारित्र सुख के लिए नहीं यह तो स्वयं आत्म कल्याण का मार्ग है । उन्होंने कहा कि चारित्र के बिना मुक्ति नहीं है । साध्वी वैराग्यपूर्णाश्री ने महासती मैनासुंदरी श्रीपाल राजा के जीवन चरित्र व कर्म विषय विस्तार से प्रकाश डाला । उन्होंने भी चरित्र महिमा पर गुणगान करते हुए कहा कि सिद्धत्व को प्रदान करने वाली मंगलमय शाश्वत ओली में देवगुरु धर्म तत्व का समावेश समाया हुआ है ।

प्रवचन पश्चात श्रावक मखत्तुरमल चौरडीया परिवार द्धारा पंच कल्याणक परमात्मा पूजा आरती मंगल कलश विधि-विधान से किया ए्वं तप आराधकों ने सामुहिकआयंबिल तप का लाभ लिया ।
महिला मंडल अध्यक्षा चंदु मोहनोत व विनायकिया ने बताया कि नवपद आराधना के नौवें दिन 13 अक्टूबर को तप पद महिमा गुणगान नवपद महापूजन सहित विभिन्न सिद्धचक्र परमात्मा पूजन व 14 को तप आराधकों के पारणे का आयोजन किया जाएगा ।Attachments area

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Close