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कुशल दर्शन मित्र मंडल के तत्वाधान में पूनम को बाड़मेर से 2 बसों से सेकड़ो भक्त पहुचे ब्रह्मसर

पूर्णिमा को दादा गुरूदेव की बड़ी पूजा में झूमे गुरुभक्त,हजारो भक्तो ने गुरू की चरण पादुकाओं का किया पूजन

AHINSA KRANTI NEWS


बाड़मेर 14 सितम्बर । स्वर्ण नगरी जैसलमेर से 15 किलोमीटर दूर दादा गुरुदेव के नाम से विख्यात कुशल धाम ब्रह्मसर तीर्थ उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म.सा. व साध्वी हेमरत्ना श्री जी म.सा. की पावन निश्रा में हो रहे वर्षावास चातुर्मास के दौरान पूर्णिमा के विशेष अवसर पर कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाड़मेर व जिनकुशल युवा मंडल जैसलमेर की ओर से गुरूदर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। कुशल दर्शन मित्र मण्डल के पुखराज म्याजलार व राजू वडेरा ने बताया कि इस बार ब्रह्मसर में संयोग रहा कि 400 साल पूराने गुरूदेव के चरण पादुकाओं के साथ-साथ उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर म.सा की उपस्थिति रही।

म्याजलार ने बताया कि यात्रा संघ सैकड़ो गुरुभक्तों  के साथ सैकड़ो यात्री स्थानीय आराधना भवन  से 2 बसों व अन्य वाहनों से बाड़मेर से रवाना होकर प्रातः10 बजे लौद्रवपुर तीर्थ पहुंचा जहां पाश्र्वनाथ दादा के दर्शन कर पूजा अर्चना की गई और मनोकामना पूर्ण करने वाला कल्पवृक्ष,अधिष्ठायक नागदेवता,प्राचीन रथ सहित अधिष्ठायक घंटाकर्ण महावीर देव व दादा गुरूदेव के दर्शन वंदन का लाभ लिया। इस अवसर पर शान्ती स्नात्र महापूजन का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय कलाकारो ने पूजन में पाश्र्वनाथ दादा के भजनो की प्रस्तुतियां दी। पूजन के पश्चात संघ लौद्रवपुर से ब्रह्मसर की ओर प्रस्थान कर गया। कुशल दर्शन मित्र  मण्डल के अशोक धारीवाल व रमेश कानासर ने बताया कि ब्रह्मसर दादावाडी प्रांगण में दादा जिन कुशलसूरी गुरूदेव के चरण पादुकाओं के आगेें पूर्णिमा दिन गुरु के नव अंगों की केशर से पूजा की गई व दोपहर में उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर जी म.सा. की पावन निश्रा में गुरु के चरणों मे अष्ट प्रकारी महापूजन का आयोजन किया गया।

मालू नेे बताया कि प्रकाश पारख एण्ड पार्टी द्वारा भजनो की शानदार प्रस्तुतियां दी गई।  अशोक बोथरा द्वारा प्रस्तुत भजन पंखिड़ा पंखिड़ा हो पंखिड़ा उड़ ने जाजे बरमसर रे एवं पूनम का है दिन दादा आज थाने आणो है भजन पर गुरुभक्त अशोक धारीवाल,सुरेश भंसाली,वगतारमल धारीवाल सहित कई भक्त जमकर झुमे। कानासर ने बताया कि महापूजन के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। विमलनाथ भगवान की आरती चम्पालाल भगवानदास घीया, भगवान का मंगल दीपक संजयकुमार बाबूलाल सेठिया,दादा गुरुदेव की आरती रतनलाल षिवलालचन्द मालू रंगाला वाले व मंगल दीपक आदमल भगवानदास छाजेड़ व भेरू जी की आरती आसुलाल लक्ष्मणदास लूणिया ने लिया। गुरु पूनम के  बड़ी पूजा का लाभ जिनकुशल दर्शन मित्र मण्डल बाडमेर  की ओर से लिया गया।शाम को तीर्थकर विमलनाथ भगवान और दादा जिनकुशल गुरूदेव की आंगी रचाई गई तथा गुरूदेव का सामुहिक इक्कतीसा का पाठ का आयोजन हुआ।


ब्रह्मसर तीर्थ पर उपधान तप की आराधना का हुआ श्रीगणेष
 जैसलमेर के समीप ब्रह्मसर तीर्थ पर कुषल धाम ब्रह्मसर में उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर म.सा. व साध्वी हेमरत्ना श्री म.सा. की पावन निश्रा में वर्षावास के दौरान चल रहे चातुर्मास में 51 दिन का चातुर्मास बड़े धूम-धाम से सम्पन्न होन के बाद षनिवार से उपधान तप की आराधना का हुआ श्रीगणेष।उपधान तप की आराधना जुड़े सैकड़ों आराधक-उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर चाुतर्मास कमेटी के ज्ञानीराम मालू ने बताया के महामंगलकारी पंचमगल महाश्रुतस्कंध उपधान तप की आराधना षनिवार से उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर म.सा. की पावन निश्रा में कुषल धाम ब्रह्मसर दादावाड़ी में प्रारम्भ हो चुकी है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आये सैकड़ों आराधक भाग ले रहे है तथा प्रतिदिन की दिनचर्या के अन्तर्गत स्वाध्याय, माला, जाप, प्रवचन, वांचना आदि क्रियाएं सम्पन्न हो रही है।

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