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कपड़ा व्यवसाई के पुत्र 19 साल के अमन बनेंगे मुनि, नवंबर में लेंगे दीक्षा


अहिंसा क्रांति / सोनल जैन


भिंड । 10 नवंबर को शहर के नसिया जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य श्री विशुद्ध सागर दिलाएंगे दीक्षा गृहस्थ जीवन  सांसारिक सुख और नाते रिश्तेदार छोड़कर शहर के कपड़ा व्यापारी सुनील कुमार जैन के 19 वर्षीय बेटे अमन जैन उर्फ गुन्नू 10 नवंबर को नसिया जैन मंदिर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज सहित अन्य संतों के सानिध्य में दीक्षा लेकर बैराग्य के पथ पर  अग्रसर होंगे अमन के इस फैसले इस फैसले से सभी लोग हैरान हैं शहर के सदर बाजार निवासी अमन पुत्र सुनील कुमार जैन ने सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम से 10वीं तक पढ़ाई की है दो भाइयों में के सबसे छोटे छोटे हैं उनके पिता की सदर बाजार में कपड़े की दुकान है  अमन ने शुरू शुरू से एक राजनेता बनने का सपना देखा था

जिसके चलते उनके कई राजनीतिक पार्टियों के युवा नेता दोस्त भी थे साथ अमन जैन जैन का उनके साथ 24 घंटे उठना बैठना होता था लेकिन आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के संपर्क में के संपर्क में आने के बाद और उनसे प्रेरित होकर अमन ने बैरागी ने बैरागी बैरागी के पथ चलने का निर्णय लिया इनके इस निर्णय से परेशान होकर परिवार के लोगों द्वारा लाख समझाने के बाद भी अमन में दीक्षा लेकर लेकर दीक्षा लेकर जैन मुनि बनने के अपने इस निर्णय को नहीं बदला । शाश्वत  सुख के लिए अपनाया बैराग्य लिए अपनाया बैराग्य  अमन जैन  उर्फ गुन्नू ने शनिवार को अहिंसा क्रांती  के  न्यूज़ रिपोर्टर सोनल जैन से चर्चा करते हुए बताया कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के संपर्क में रहते हुए जैन धर्म को काफी समझा है  जिसके अनुसार शाश्वत  सुख जैन मुनि जीवन में यह मिल सकता है मोक्ष की प्राप्ति दीक्षा लेने में ही है इसलिए  मैंने दीक्षा लेने का निर्णय किया है संसार में दुखों को कम करने के लिए मेरे परिवार ने वैराग्य धारण किया है आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज की बातों को सुनकर मैंने बैराग्य के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया था।

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