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आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज चलते फिरते दर्शनशास्त्र हैं :मुनिश्री*

करकबेल 15/11/2019 
(पंचकल्याणक महोत्सव गर्भ कल्याणक उत्तर रूप)
करकबेल जिला नरसिंहपुर( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य  श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज,आर्यिका मृदुमती माताजी ,आर्यिका निर्णय मति माताजी के ससंघ सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण विनय भैया जी बंडा के निर्देशन में     पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है


यह कार्यक्रम सरकारी अस्पताल ग्राउंड करकबेल तह. गोटेगांव जिला नरसिंहपुर (म.प्र) में चल रहा है यह महोत्सव 19 नवंबर तक चलेगा इसमें 15 नवंबर को प्रातः अभिषेक शांतिधारा पूजन  आदि हुए ।दोपहर में संस्कृती नगरी शहपुरा भिटौनी के द्धारा 108 प्रकार की भव्य द्रव्य समर्पित की गई पंचकल्यणक महोत्सव में कार्यक्रम का संचालन शुभान्शु जैन शहपुरा ने किया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे है। रात्रि में नाटिका एवं आरती के कार्यक्रम चल रहे हैं इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। शासन, प्रशासन के अतिथि भी आ रहे हैं।16 नबम्वर को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह एवं मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट पंचकल्याणक महोत्सव में पधार रहे हैं! इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अनन्त सागर जी ने कहा कि  आचार्य पद उसी को दिया जाता है जो त्याग में अग्रणी हो अनेक संस्मरण के माध्यम से मुनि श्री ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की महिमा का बखान किया! मुनि श्री अचल सागर जी ने कहा कि  आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज चलते-फिरते दर्शनशास्त्र के विश्वविद्यालय हैं! लौकिक ज्ञान प्राप्त करना सरल है लेकिन अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना कठिन है ! जब तक हमारे जीवन में अध्यात्म में नहीं उतर जाए वह जीवन अध्यात्म नहीं उतर जाए वह जीवंत अध्यात्म नहीं कहलाता है! आज भोग उपभोग के युग में इतने सारे लोग ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर रहे हैं यह विशेष बात है ! यह ब्रह्मचर्य व्रत बहुत कठिन है!

उत्कृष्ट साहित्य की रचना की है आचार्य श्री ने! भारतीय संस्कृति का विकास आध्यात्मिक संत के माध्यम से हो रहा है ! आचार्य श्री कहते हैं कि पुण्य को बढ़ाते रहो! मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि  पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान कैसे बनते हैं यह दिखाया जाएगा! इस महोत्सव में सभी लोग अच्छे से लाभ लें क्योंकि इसके माध्यम से विशेष ऊर्जा आती है ! आचार्य विद्यासागर जी महाराज ऐसे महान संत हैं जिनकी जितनी स्तुति की जाए वह कम है! आर्यिका श्री मृदु मति माताजी ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज  महान साधक है ! पूज्य ज्ञान सागर जी महाराज ने अपना पद ही नहीं दिया सर्वस्य दे दिया था! गुरुओं के माध्यम से ही ज्ञान प्राप्त हो सकता है! सभी लोग इस पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल होकर आनंद ले रहे हैं एवं पुण्य अर्जन कर रहे हैं ! गुरुदेव की कृपा और मुनि संघ की सद्भावना से मेरा स्वास्थ्य ठीक हो गया!


16 नवंबर को जन्म कल्याणक  की क्रियाएं संपन्न होंगी प्रातः 6 बजे अभिषेक शांतिधारा पूजन आरती सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।पूरे नगर मे मिष्ठान का वितरण होगा व गरीबो को वस्त्र,फल,औषधि आदि का वितरण होगा नगर मे शोभा यात्रा निकाली जाएगी पान्डुक शिला पर 1008 कलशो से जन्म अभिषेक होगा रात्रि मे पालना झुलाने का कार्यक्रम होगा,बाल क्रीडा होगी।
-डेयोढ़िया आकाश जैन

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