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सूर्य ग्रहण से प्रभावित होगी ये धरा”_आचार्य प्रणाम सागर

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बेड़ियां (नी.प्र) नगर में विराजित परम पूज्य गुरुवर आचार्य श्री प्रणाम सागर जी महाराज ने न्यूज चैनल के माध्यम से बताया कि
ज्योतिष वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है जब चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए सूर्य की सीधी रेखा में आते हैं। तब चन्द्र सूर्य के कुछ भाग को घेर लेता है तब सूर्य का हिस्सा पृथ्वी से कटा हुआ दिखता है उस अवस्था को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह अमावस्या को ही दिखाई देता है।
24 अक्टूबर 1995 के बाद अब 21 जून 2020 को वलयाकार पूर्ण सूर्य ग्रहण प्रातः 10:27 से प्रारंभ हो जायेगा इसका प्रभाव 12:24 मिनट तक भारत,अमेरिका,पूर्व, दक्षिण यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा।


यह सूर्य ग्रहण मिथुन राशि मृगशिरा नक्षत्र में होगा इस वजह से कहीं पानी की कमी और कहीं अधिक पानी का प्रकोप दर्शाएगा।कोरोना महामारी की संख्या में वृद्धि दर बढ़ाएगा इस कारण भारत विश्व में महामारी संकट में एक नम्बर की श्रेणी में आ सकता है लेकिन मृत्यु दर का आंकड़ा सबसे कम रहेगा। भारत में पूजा,पाठ,धर्म,ध्यान का स्तर सबसे ज्यादा बढ़ जाएगा। इस कारण प्राकृतिक आपदा का प्रभाव कम हो जाएगा।


सूर्य ग्रहण काल में उपवास रखकर इष्ट स्तोत्र के 17 नंबर के काव्य से ग्रहण में पाठ करें। इस वजह से मनोवांछित कार्य सिद्ध होता है। ध्यान रखें – ग्रहण काल में खेतों में पानी न डाले बीज खाद से भी बचें। व्यापारिक लेन- देन न करें महिलाएं श्रृंगार,माहवारी,गर्भवती अवस्था में बाहर न जाए एवं घर में पकी सामग्री को ग्रहण न करें। सूर्य ग्रहण में रखी सावधानी आपको बड़ी – बड़ी परेशानी से निजात दिल सकती हैं।
पंकज जटाले एवं अतुल जैन ने बताया कि आचार्य श्री की आज की आहार चर्या समाज अध्यक्ष अजय शाह के यहां सम्पन्न हुई एवं शांति धारा करने का सौभाग्य श्री सावन कुमार भाई सौरभ जैन प्राप्त हुआ।

Mukesh Nahar

Editor-in-Chief | ahinsakranti@gmail.com | 9021899800 Jodhpur, Rajasthan

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