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जिसके अंदर नवकार है संसार में उसका अहित नहीं हो सकता है : डॉ प्रीति सुधा जी म.सा

AHINSA KRANTI NEWS
मारवाड़ जंक्शन ।  रूप रजत विहार में डॉ. प्रीति सुधा ने गुरु माता मरुधरा सिंहनी महाश्रमणी श्री तेजकंवर के पुण्य दिवस को मनाते हुए धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अनुष्ठान में शक्ति हैं। जिसके अंदर नवकार है संसार में उसका अहित नहीं हो सकता है। नमस्कार महामंत्र में आत्मिक सुख के साथ भौतिक सुख देने की अपार शक्ति हैं। नमस्कार महामंत्र के अनुष्ठान सिर्फ कर्मों को ही नहीं तोड़ता बल्कि इसके साथ दुःख, कष्ट, पाप और जन्म मरण आदि की परंपरा को ही नष्ट कर देता है। नवकार के प्रति श्रध्दा व समर्पण से आत्मा अभय बन जाती है।
 उन्होंने कहा कि भवरोग की अक्सीर औषधि है महामंत्र नवकार।नवकार मंत्र के एक अक्षर में अलौकिक शक्ति है। जिस प्रकार लोहा चुंबक से खींचा चला जाता है, उसी प्रकार महामंत्र नवकार से सर्व गुण खींचे चले आते हैं। आत्म कल्याण के लिए नवकार महामंत्र की साधना से जीवन शुध्द बनता है। नवकार महामंत्र कंथे को कंचन, दानव को देव,इंसान को ईश्वर और मानव को महामानव बनाता है।रत्नों की पेटी का भार कम, मूल्य अधिक वैसे ही चौदह पूर्व के सार के रूप नवकार महामंत्र के कष्ट कम और लाभ बहुत हैं। हेमंत महेंद्र आदि ने जानकारी देते हुए कहा कि नवकार महामंत्र के अनुष्ठान के दौरान सरकारी निर्देश को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंस के अंतर्गत मास्क लगाकर किया। 21जुलाई को आयंबिल रुप रजत विहार में  होंगे

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