जैन समाचार

राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश का पाली से विहार, 20 जून को जोधपुर में प्रवेश की संभावना

अहिंसा क्रांति न्यूज़पाली। संत माली बनकर मानवता के बगीचे को मान अपमान की परवाह न करते हुए धर्मस्थल की चारदीवारी से बाहर निकलकर महापुरुषों के ज्ञान से सिंचित करें तभी विश्वकल्याण संभव है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने   रोहि ट के जैन स्थानक भवन में धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि यदि संत धर्म स्थल की चार दीवारों में कैद रह गए और मानवता डूब गई तो फिर धर्मस्थल के ताले कौन खोलेगा। उन्होंने कहा कि लाखों संत होने के बावजूद भी हिंसा आतंकवाद लूट भ्रष्टाचार मिलावट अनैतिकता का नंगा नाच सबके लिए एक चुनौती है। आध्यात्मिकता की दुहाई देने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है।

मुनि कमलेश ने कहा कि सभी धर्म आचार्यों को आपस में समन्वय स्थापित करके न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाना चाहिए शिक्षा चिकित्सा नशा बेरोजगारी से मानव समाज को मुक्ति मिले।  जैन ने कहा   कि उपासना पद्धति को ही धर्म की इतिश्री मान लेना गौर अज्ञानता है उपासना पद्धति साधन है इसके माध्यम से कर्तव्य का पालन बोध होना चाहिए। राष्ट्रसंत ने कहा कि धर्म के माध्यम से नशा मुक्ति राष्ट्रीय एकता विश्व शांति पर्यावरण रक्षा अहिंसा प्रेम सदभाव का संदेश भी मानव मात्र के अंदर पहुंचना चाहिए घनश्याम मुनि अरिहंत मुनि ने विचार व्यक्त किए कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया 19 जून को जोधपुर जिले में मंगल में प्रवेश होगा 20 जून को जोधपुर पधारने की संभावना है।

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