जैन गुरुजैन प्रवचन jain pravchanजैन समाचार

जीवन में सिर्फ क्षमा से बदल सकती है जिंदगी -पूज्य गुरु मां

AHINSA KRANTI NEWS


राजगीर :- आज रविवार को पूज्य गुरु माँ श्री पूण्यहर्ष लता श्री जी ने  राजगीर तीर्थ में चातुर्मास अवधि के प्रथम रविवार को आयोजित शिविर सह प्रवचन के दौरान जीवन जीने की कला के ऊपर उपस्थित लोगों के बीच विचार रखा। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर परमात्मा महावीर स्वामी जी ने राज वैभव छोड़कर जंगल का रास्ता चुन लिया जंगल में अनेक प्रकार के कष्टों को सहन किया और कष्ट देने वालों को क्षमा किया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में पांच प्रकार की क्षमा का उल्लेख हुआ है।जिसमे उपकार क्षमा- हमारे ऊपर छोटा या बड़ा किसी के द्वारा उपकार हुआ है और उसने कुछ बुरा कर दिया हो तो हम उनके बुरे बातो को याद करके गुस्सा नहीं करेंगे तथा क्षमा रखेंगे। अपकार क्षमा- कोई हमारा बुरा कर दिया तो अभी डर कर हम उससे क्षमा कर देंगे। विपात क्षमा :- कोई हमें मरणासन्न पीड़ा दे फिर भी उसके प्रति क्षमा भाव रखेंगे ।बचन क्षमा- तीर्थंकर प्रभु ने समशरण में बैठकर यह भजन फरमाया है क्षमा क्षमा वीरस्य भूषणम।अतः हम सभी मनुष्यों को क्षमा का भाव रखना चाहिए ।


धर्म सभा -आत्मा का स्वभाभिक गुण ही क्षमा है।  हमें सबों को माफ कर देना चाहिए।  क्षमा से बढ़कर कोई दान नहीं है। उन्होंने अपने प्रवचन में सभी धर्मों से ऊपर उठकर मानव धर्म स्वीकार करने की बात कही मानव धर्म से बड़ा दुनिया में कोई भी धर्म नहीं है।  प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी लोग खाना खाते हैं लेकिन अभी का लोगों में प्रचलन सा हो गया है कि ज्यादा खाना लेकर उसको कूड़ेदान में डाल देते हैं । जिससे कीड़ा पैदा होता है और उस कीड़े को जब हमलोग  बर्तन धोने का साबुन या कास्टिक सोड़ा का इस्तेमाल करते हैं तो उस कीड़े की मौत हो जाती है जिसका पाप घूम फिर कर हमें ही लगता है। इसलिए यहां उपस्थित शिविर में सभी लोगों से अनुरोध करना चाहेंगे कि आप लोग जब भी खाना खाए तब थाली धोकर पिए ताकि थाली में बचा हुआ खाना भी आपके पेट में चले जाए और थाली धो कर पीने से पाचन शक्ति मजबूत होती है ।


उन्होंने शिविर में भाग लेने वाले लोगों से संबोधित करते हुए कहा कि पूरे विश्व मे कोरोनावायरस काफी खतरनाक स्थिति में आ गया है जिससे मानव जाति को क्षति हो रहा है।जिसका मुख्य कारण अनेक तरह के पशु पक्षियों को मारकर  खाना ही है। इसलिए हमलोग को शाकाहार जीवन जीना चाहिए ।आज तक जितने भी महापुरुष या बलशाली राजा हुए सभी शाकाहारी हुए। इसलिए हमलोग को हमेशा शाकाहार के प्रति  लोगो मे जन जागरूकता लाने के लिए महाअभियान चलाने की है जरूरत है।सरकार को भी शाकाहार खाना  के प्रति बढ़ावा देनी चाहिए। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज हम लोग भगवान मुनीसुव्रत स्वामी दादा जी के शरण में हैं इन्होंने राजगीर में ही अपना  जीवन व्यतीत किये थे।


24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने भी यहां इस राजगीर की पवित्र धरती पर चार चतुर्मास किए थे, मैं और  आप भी सौभाग्यशाली हैं कि इस चातुर्मास में आप लोग को यहां आने का मौका मिला है ।अगले शिविर वह प्रवचन में  धर्म की पहचान यानी मानवता के बारे में विस्तार से उल्लेख करेगी।  बताते चलें कि इस शिविर में राजगीर के 50 प्रबुद्ध महिला, पुरुष, बालिकाएं भाग ले रही है जिनका उम्र 13 वर्ष से 50 वर्ष के बीच है। यह शिविर बिल्कुल ही निशुल्क है और सरकार के सभी नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए मास्क और सैनिटाइजर यहां तक की थर्मल स्कैनिंग करने के बाद ही इस शिविर में लोगों को आने की अनुमति दी गई है। इस अवसर पर संस्था के सहायक प्रबंधक ज्ञानेंद्र पाण्डेय, कैशियर संजीव कुमार जैन, अवकाश प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ जयनंदन पाण्डेय, ज्ञानचंद जैन समाजसेवी व महावीर मार्गी रमेश कुमार पान, अहिंसा प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी सुनील कुमार, रेखा जैन, कंचन जैन, सुषमा पांडे अनिता कुमारी गुप्ता, सत्येंद्र कुमार, विनय पाण्डेय, गौरव पाण्डेय,अहिंसा प्रशिक्षण केंद्र शिक्षिका  पिंकी सिंह, राजकीय पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी शिक्षिका कविता प्रवीण के अलावे 50 की संख्या में लोग उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button
Close