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भद्दलपुर नगर में २० साल बाद होने जा रहा मुनि श्री समता सागर जी महाराज का आगमन


मध्यप्रदेश अहिंसा क्रांति /ब्यूरो चीफ देवांश जैन


विदिशा(भद्दलपुर) ः संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के परम साधक शिष्य वातसल्य मूर्ति मुनि श्री समतासागर जी महाराज जो कि विदिशा नगर में विगत २० वर्षों वाद पदार्पण हो रहा है, इसके पूर्व मुनि श्री का विदिशा नगर में दो चातुर्मास सन्1992 एवं सन् 2000 में उदयगिरि में हो चुके है, तथा मुनि श्री का वातल्य हमेशा रहा है। आपने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से सन् १९८३ में दीक्षा ली थी महाराष्ट्र, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलो में ज्ञान की गंगा वहाई।

 उपरोक्त जानकारी देते हुये श्री सकल दि. जैन समाज एवं श्री शीतल विहार न्यास के प्रवक्ता अविनाश जैन ने  वताया विदिशा जिसका पूर्वनाम भद्दलपुर था जो कि जैन धर्म के दशवें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के चार कल्याणक गर्भ, जन्म, तप, और ज्ञान कल्याणक भूमी है,

यंहा पर आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागरजी महाराज का २०१४ में चातुर्मास संपन्न हो चुका है, एवं उन्ही के आशीर्वाद से विशालकाय समवशरण मंदिर, सहस्त्रकूट जिनालय तथा  भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का जिनालय  लाल पाषाण से वनने  जा रहा है। निर्माण कार्य द्रुत गति से चालू है।

उपरोक्त संद्रभ में दि. जैन तीर्थ श्री शीतल विहार न्यास स्थल पर न्यासी सदस्यों की वैठक आयोजित की गई।  वैठक को सम्वोधित करते हुये अध्यक्ष वसंत जैन ने कहा कि हालांकि हमलोग न्यास के पदाधिकारियों के साथ मुनिश्री संघ को श्री फल अर्पित कर आऐ थे एवं पूज्य गुरूदेव के संकेत अनुसार मुनि श्री संघ का विहार रविवार को खातेगांव से हो चुका है,

मुनिसंघ की आहार चर्या ९ जून को नसरुल्लागंज में सम्भावित है, वह दैलावाडी़, रहटी ओवेदुल्लागंज होते हुये हाईवे से सूखी दीवानगंज सलामतपुर सांची होते हुये विदिशा पधारेंगे।  चूंकी कोरोना काल का समय है, इसलिये विहार में निश्चित लोग ही चल रहे है, विदिशा नगर से भी भक्तगण पूज्य गुरूदेव के पास पहुंच रहे है

।श्री जैन ने कहा कि हम सभी को  शोसल डिस्टेंस के साथ अपने हाथों को ही श्री फल वनाकर नमोस्तू निवेदित करने हेतू  चलना है।श्री शीतलधाम का आदिनाथ जिनालय लगभग ढाई माह वाद श्रद्धालुओं के लिये शासन के निर्दैशों के साथ खोल दिया गया हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तो मंदिर में तो सिर्फ दर्शन ही उपलव्ध हो पाएंगे। पूजन और जांप स्वाध्याय तो फिर भी सभी को अपने अपने घर पर ही करना होगी। जिससे हम सभी शासन के निर्दैशों का पालन कर सकें। और सभी स्वस्थ रहें।   भारत सरकार के निर्देशानुसार जिलाप्रशासन ने गाईड लाईन का भी पालन करना अनिवार्य है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया शोसल डिस्टेंस एवं  मास्क लगाकर ही मंदिर जी में प्रवेश करें। मंदिर में प्रवेश करने के पूर्व अपने हाथ  साबुन से एवं पैर भी अच्छे से धोऐं, मंदिर जी के अंदर  शास्त्र, जांप, घंटा, आरती,चौकी, चटाई आदि किसी भी वस्तु को छूने की इजाजत नहीं है। एवं वैठकर  शास्त्र आदि की वांचना भी नहीं कर सकते है। यदि आप वाहर प्रांगण में कुछ समय वैठना चाहते है तो अपनी आसन अपने साथ लेकर आना होगा।

उन्होंने कहा कि अति वृद्ध एवं अस्वस्थ्य लोगों को जिसे खांसी, वुखार या जुखाम है तो वह व्यक्ती मंदिर में प्रवेश नही करें। मंदिर जी में द्रव्य सामग्री या वस्त्र वदलने की कोई व्यवस्था नहीं है, जिनको भी अभिषेक करना है वह निर्धारित समय सात वजे तक ही अभिषेक कर सकते है। अपने वस्त्रों की स्वं व्यवस्था करके लावें। एवं प्रत्येक व्यक्ति को शासन के निर्देश अनुसार पर्याप्त दूरी(लगभग 06 फीट) बनाकर ही मंदिर जी के अंदर प्रवेश की अनुमति है।
मंदिरजी में ज्यादा न रूकें तथा अनावश्यक वातचीत न करें, दर्शन करें और अपने घर पर ही पूजा पाठ और स्वाध्याय करें। 

वैठक में न्यास के पूर्व अध्यक्ष चौधरी प्रकाश सराफ, निरंजन पाटनी,पूर्व महामंत्री ए. के जैन एस डी ओ,महेन्द्र जैन वंट, महामंत्री सनत जैन पत्थर मंत्री मुकेश जैन वड़ाघर, कोषाध्यक्ष मोहन जैन, डा. वीरेन्द्र जैन, डा. ए.के. जैन, अनिल जैन गृहस्थी, रमेश जैन गिफ्ट, दिलीप जैन झांसी, आदि टृस्टीगण उपस्थित थे।

~ब्यूरो चीफ देवांश जैन (विदिशा) मध्यप्रदेश

Mr. Devansh Jain

Bureau Chief - Vidisha Mob No: 7828782835

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