जैन प्रवचन jain pravchanजैन समाचार

जैसे देव की कृपा नित्य चाहिए वैसे गुरू की कृपा निरंतर चाहिए।

AHINSA KRANTI / RAJENDRA JAIN

 मैसूर। महावीर भवन में गुर पूर्णिमा के अवसर पर  धर्म चर्चा में आचार्या भगवंत भव्यदर्शन सूरिजी महाराज ने कहा कि लौकिक में भले आषाढ़ सुद पूनम को गुरु पूर्णिमा कहते है जैन शाशन में तो रोज गुरु पूर्णिमा होती है जैसे देव की कृपा नित्य चाहिए वैसे ही गुरु की कृपा निरंतर चाहिए घर मे माता पिता की कृपा रोज चाहिए ठीक उसी तरह प्रत्येक जैनो को भगवान की गैर में रोज गुरु कृपा की आवश्यकता होती है

भगवान और धर्म की पहचान देने वाले गुर भगवंत ही है गुरु को अगर जीवन में से निकल दिया जाये तो शून्यवकाश का सूजन होगा।इस अवसर पर सुमतिनाथ संघ के ट्रस्टी बाबुलाल मुणोत चम्पालाल वाणीगोता ताराचंद बंदामूथा विमल भेसवाडा डायालाल वोहरा   दलीचंद श्रीश्रीमल  अरविंद भंडारी मोहनलाल वोहरा नरेंद्र मलानी अमृतलाल राठौड़ जयन्तीलाल जैन महावीर भंसाली आदि उपस्थित थे। 

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