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गुरु भगवंतों के स्वास्थ्य लाभ हेतु किया गया नवकार महामंत्र का जाप

AHINSA KRANTI NEWS
कोरोना वायरस से मुक्ति मिलने के लिए की गयीं शांति जिन स्तुति
श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आचार्य जयमल जैन मार्ग स्थित जयमल जैन पौषधशाला में शनिवार दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक समस्त गुरु भगवंत,साध्वी समुदाय एवं चारित्र आत्माओं के स्वास्थ्य लाभ हेतु नवकार महामंत्र का जाप किया गया। साथ ही इस दौरान कोरोना वायरस से मुक्ति मिलने एवं विश्व भर में शांति फैलने के लिए शांति जिन स्तुति का पाठ भी किया गया। शांति जिन स्तुति की रचना करीब 250 वर्षों पूर्व नागौर में ही आचार्य सम्राट जयमल महाराज द्वारा की गयीं थी। कोरोना महामारी के चलते अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने अपने निवास पर ही नवकार महामंत्र का जाप एवं शांति जिन स्तुति का पाठ किया। इस मौके पर पुष्पा ललवानी,संगीता चौरड़िया, पांचीदेवी ललवानी, गुणवंती जैन, जयेश पींचा, जितेश चौरड़िया, महक चौरड़िया सहित अन्य श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहें।
मूक पशु-पक्षियों की सेवा जारी
श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ द्वारा नागौर में विभिन्न भामाशाहों के सहयोग से लॉकडाउन 1.0 में शुरू की गयीं मूक पशु-पक्षियों की सेवा अभी भी निरंतर जारी है। संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन सुबह शहर में अलग-अलग जगह घूमकर सेवा की जा रही है। इस दौरान कीड़ीनगरे का सिंचन किया जा रहा है। साथ ही कबूतरों को जवार,श्वानों को रोटियां,गौमाताओं को गुड़ एवं रिजका,बाकी सभी पक्षु-पक्षियों को दाना,पानी,चुग्गा सहित अन्य खाद्य सामग्री डाली जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जीव-दया की प्रेरणा जयगच्छाधिपति आचार्य पार्श्वचंद्र महाराज, डॉ.पदमचंद्र महाराज से मिलीं। संघ प्रवक्ता संजय पींचा ने बताया कि इस कार्य में संघ मंत्री हरकचंद ललवानी एव मूलचंद ललवानी की सेवाएं सराहनीय रहीं।
पर्वाधिराज पर्युषण 15 से
संघ संरक्षक किशोरचंद ललवानी ने बताया कि जयमल संप्रदाय में पर्वाधिराज पर्युषण 15 अगस्त से प्रारंभ होंगे। पर्युषण पर्व की तैयारियां जारी है। इस दौरान कुछ श्रावक-श्राविकाएं आचार्य भगवंत के सानिध्य में रायपुर मारवाड़ जाकर 8 दिन धर्म-आराधना करेंगे। वहीं अन्य श्रावक-श्राविकाएं नागौर रहकर ही धर्म-ध्यान,तप-त्याग करेंगे।

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